कोर्ट परिसर में वीरवार को पेशी पर आए दो गुटों में जमकर मारपीट हो गई। पुलिस में मौजूदगी में ही कोर्ट में पेश होने आए आरोपियों ने गवाह पक्ष के लोगों के साथ न केवल गाली-गलौच की, बल्कि उनसे जा भिड़े। दो गुटों में जमकर हाथापाई, लात और घूसे भी चले। जिसके चलते वहां दोनों पक्षों को छुड़वाने आए पुलिस वालों को भी झगड़े का शिकार होना पड़ा। इस दौरान दो पुलिस वालों को चोटें आ गई। जिन्हें सिविल अस्पताल ले जाना पड़ा। सूचना मिलने पर एसीपी हेडक्वार्टर हितेश यादव सिटी सिविल अस्पताल पहुंचे और घटना का जायजा लिया।
पुलिस सुरक्षा में ही चले लात और घूंसे
दरअसल, ये घटना जब हुई तो आरोपी बंदी पुलिस की कड़ी सुरक्षा में थे। लेकिन उन्होंने इसकी परवाह किए बिना पुलिस की मौजूदगी में ही गवाह पक्ष के लोगों पर हमला बोल दिया। हुआ यूं कि एक पुराने आपराधिक मामले में तेरह बंदियों की पेशी थी। पुलिस इन सभी आरोपियों को लेकर कोर्ट में पहुंची हुई थी। इस मामले में तीन लोगों की गवाही थी। गवाह भी अपने समर्थकों के साथ कोर्ट परिसर में पहुंचे हुए थे। कोर्ट में गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। जिसके बाद कोर्ट रूम में मौजूद आरोपियों में काफी ज्यादा रंजिश बढ़ गई।
आरोपियों को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कोर्ट रूम से बाहर लाया गया। कोर्ट रूम के बाहर कोर्ट परिसर में ही गवाहों के अन्य साथी खड़े हुए थे। तभी आरोपियों ने उन्हें देखकर उनके साथ गाली-गलौच करना शुरू कर दिया। दूसरे पक्ष ने आरोपियों को गाली न देने की सलाह दी। लेकिन पुलिस कस्टडी में मौजूद आरोपियों ने बहस को और तीखा कर दिया, देखते ही देखते दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। पुलिस में ही मौजूदगी में ही वहां जमकर लात और घूसें चले। पुलिस वाले दोनों पक्षों को पीछे हटाने में जुट गए। लेकिन आपस में भिड़े दोनों गुटों ने पुलिस वालों की भी परवाह नहीं की और पुलिस वालों की भी बीचबचाव में पिटाई हो गई। इस दौरान दो पुलिस वालों के भी चोटें आई। ये नजारा देख कोर्ट परिसर में वकीलों और कोर्ट में विभिन्न कामों से आए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने ज्यादा आक्रामक हो रहे आरोपियों के गुट को पीछे हटवाकर गवाहों के गुट को बचाया। इसकी सूचना तुरंत आला पुलिस अफसरों को दी गई। जिसके बाद एसीपी हेडक्वार्टर हितेश यादव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसीपी ने आरोपियों का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया और उन्हे जेल भिजवा दिया।
डीजीपी को लिखा पत्र, पुख्ता करो कोर्ट की सुरक्षा
पुलिस कस्टडी में आरोपियों द्वारा गवाहों के साथियों को पीटने और पुलिस पर भी हमला करने के मामले को लेकर जिला बार एसोसिएशन भी गंभीर हो गई है। सारे मामले को लेकर वकीलों में बहुत ज्यादा रोष है। जिसके चलते जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट रोहित जैन ने डीजीपी को पत्र भेजकर अंबाला कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। एडवोकेट रोहित जैन ने कहा कि वकीलों और मुवक्किलों को कोर्ट परिसर में भयमुक्त माहौल चाहिए। उन्होंने कहा कि अंबाला कोर्ट परिसर में ये पहली घटना नहीं है, लेकिन ये घटना बहुत ज्यादा गंभीर है। पुलिस की कस्टडी में इस कदर मारपीट हुई तो वकीलों और वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। उनके अनुसार उन्होंने पहले डीसीपी और पुलिस कमिश्नर से भी अंबाला कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। लेकिन अब एसोसिएशन की ओर से डीजीपी हरियाणा को पत्र लिखकर इस सारे मामले से अवगत करवाते हुए कोर्ट परिसर में भयमुक्त माहौल स्थापित करने की मांग की है। उधर, जिला बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी एडवोकेट राजेश शर्मा, वाइस प्रेजीडेंट विनोद भारद्वाज, ज्वाइंट सेक्रेटरी विवेक महर्षि, कोषाध्यक्ष डा. सचिन गोयल, एक्जीक्यूटिव मेंबर राजीव सचदेवा, सुरेश भोला व एडवोकेट संदीप सचदेव, पूर्व प्रधान एडवोकेटक् सतपाल सिंह, पूर्व प्रधान श्याम सिंह राणा, एडवाकेट नरेंद्र सिंह, एडवोकेट खुशीराम सैनी, महिला अधिवक्ता
रीता सूरी, नम्रता गौड़, बिंदू जैन व रेखा अहलवात का कहना है कि कोर्ट परिसर में वीरवार को पुलिस की मौजूदगी में जो झगड़ा हुआ, वे बेहद हैरानीजनक है। वकीलों और मुवक्किलों को कोर्ट परिसर में सुरक्षा का माहौल चाहिए।
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इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले रही है। झगड़े के कारणों को भी मालूम किया जा रहा है। बीच-बचाव करने आए पुलिस वालों को भी चोटें आई है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-हितेश यादव, एसीपी हेडक्वार्टर, अंबाला पुलिस-