अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में चल रहा हार्ट सेंटर: संवाद
अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल के हार्ट सेंटर में एक फरवरी 2024 को बादशाही बाग निवासी निगम वालिया की मौत लापरवाही के कारण हुई थी। 10 माह बाद सीएम विंडो, मेडिकल नेगलीजेंस बोर्ड व अंबाला कैंट डीएसपी रजत गुलिया की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
पुलिस ने अब मेडिट्रीना हार्ट सेंटर के संचालक डॉ. प्रताप और डॉ. विशाल राणा पर मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई मृतक के भाई विनय वालिया की शिकायत पर गैरइरादतन हत्या की धाराओं के तहत की गई है। दरअसल, विनय वालिया का आरोप था कि उपचार के दौरान सेंटर पर डाॅक्टर मौजूद नहीं था। मरीज ने उनसे बातचीत की थी और उपचार सही नहीं मिलने पर पीजीआई ले जाने के लिए बोला था। अगले दिन ही मौत हो गई। उपचार और देखभाल में लापरवाही और गैर जिम्मेदारी के कारण उनके भाई की मौत हुई थी।
खुद को बताया था एमबीबीएस एमडी कार्डियोलॉजिस्ट
शिकायतकर्ता विनय वालिया ने बताया कि मेडिकल नेगलीजेंस बोर्ड दोनों की फाइनल रिपोर्ट आ गई है। उसमें स्पष्ट है कि डाॅ. विशाल राणा ने अपने आप को एमबीबीएस एमडी कार्डियोलॉजिस्ट बताते हुए मरीज निगम वालिया को दाखिल कर लिया था। एंजोग्राफी के लिए पैसे जमा करवाए और स्टंट डालने की बात कहीं थी।
बावजूद इसके बिना बताए हमारे मरीज की दूसरा हार्ट प्रकिया शुरू कर दी और खुद जाकर सोता रहा। जबकि जूनियर स्टाफ इलाज करता रहा। मेडिकल जांच कमेटी और जिला मेडिकल नेगलीजेंस बोर्ड के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि डाॅ. विशाल राणा एक बीएएमएस डाॅक्टर है जो कि अपनी डिग्री के अनुसार मरीज को किसी भी तरह का हार्ट से जुड़ा उपचार देने में सक्षम नहीं था।
तीन की जगह था केवल एक कार्डियोलॉजिस्ट
डॉ. विशाल और डॉ. प्रताप पर दर्ज एफआईआर में जिक्र है कि मेडिट्रीना अस्पताल के एमओयू के अनुसार अस्पताल में तीन एमबीबीएस एमडी कार्डियोलॉजिस्ट की भर्ती न होकर केवल एक ही कार्यरत था। वह भी उस रात मरीज निगम वालिया की भर्ती से मौत होने तक अस्पताल में मौजूद नहीं था। शिकायतकर्ता विनय वालिया ने आरोप लगाया कि जांच कमेटी को डॉक्टरों ने मरीज निगम वालिया के झूठे ट्रीटमेंट बिल तैयार करके दिए गए है। आरोप लगाया कि डाॅ. विशाल राणा और मालिक डाॅ. प्रताप एमओयू की तय शर्तों व नियमों के मुताबिक हार्ट सेंटर नहीं चला रहे हैं। भाई निगम वालिया की मौत के बाद से ही 85 वर्षीय बुजुर्ग माता भी सदमे में है।