जाट आंदोलन के चलते अंबाला की ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के करीब दो अरब के सामान पर खतरा मंडरा रहा है। इतना ही नहीं यह सामान लेकर फंसे वाहनों पर भी खतरा बना हुआ है। जीटी रोड बेल्ट पर बने हालातों के चलते ट्रांसपोर्टर भी अब इसी इंतजार में हैं कि यह आंदोलन खत्म हो और सामान आगे के लिए भेजा जाए।
अंबाला की ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री इन दिनों जाट आरक्षण आंदोलन के खत्म होने का इंतजार कर रही है। जिला में छोटे बड़े करीब 175 ट्रांसपोर्टर हैं। इन में से अधिकतर इसी कारण से परेशान हैं कि कहीं उनके द्वारा भेजे गए ट्रक व सामान इस आंदोलन की भेंट न चढ़ जाएं। इसी कारण से वे अपने कर्मचारियों से इसी को लेकर अपडेट ले रहे हैं। इन ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जीटी रोड बेल्ट से दिल्ली, यूपी सहित अन्य राज्यों को सामान भेजा जाता है। लेकिन जिस तरह से हालात बने हुए हैं, उससे ट्रांसपोर्टरों की भी नींद उड़ी हुई है।
यह है खतरा
जिन ट्रांसपोर्टरों के ट्रक सामान लोड करके जीटी रोड बेल्ट से जा रहे हैं, वे रुके हुए हैं। कोई किसी ढाबे पर रुका है, तो कोई कहीं। ट्रक चालक भी कोई रिस्क नहीं ले रहे हैं, जबकि हर स्थिति के बारे में ट्रासंपोर्टरों को बता रहे हैं। जब तक यह आंदोलन ठंडा नहीं पड़ता, तब वे आगे नहीं बढ़ेंगे।
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'अंबाला में ट्रांसपोर्टरों का करीब दो सौ करोड़ रुपये का सामान इस आंदोलन में फंसा हुआ है। जिस तरह से आंदोलन बढ़ रहा है, उससे खतरा बना हुआ है। जब तक स्थिति नहीं सुधरती, तब तक चालकों को रुकने के लिए कहा गया है।
- नवरतन गर्ग, प्रधान ट्रांसपोर्ट यूनियन