माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। शहर से सटे सोंडा गांव में शुक्रवार को एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया। घर के आंगन में खेलते-खेलते ढाई साल की मासूम बच्ची अचानक पानी से भरे गहरे हौद में जा गिरी। जब तक परिजनों की नजर उस पर पड़ी और उसे बाहर निकाला गया। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले छोटूराम ने बताया कि वह सोंडा गांव में परिवार संग रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। शुक्रवार को दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे उनकी ढ़ाई वर्षीय बेटी चंदा कुमारी घर के पास आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान बच्ची की मां निशा पानी लेने के लिए पड़ोस में गई थीं। जब वह लौटीं तो चंदा गायब थी। अनहोनी की आशंका से घबराई मां ने जब आसपास तलाश की, तो घर में आंगन में पानी से भरे खुले हौद में बच्ची अचेत पड़ी दिखाई दी।
बचालो मेरी बेटी को बचालो निशा चिल्लाती रही
निशा की चीख-पुकार सुनकर बच्ची के पिता छोटूराम और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद निशा ने पड़ोसियों को रोते हुए बताया कि आंटी मेरी लड़की पानी के अंदर है। पड़ोसी महिला ने बताया कि पहले तो पानी में बच्ची नजर नहीं आई, फिर अच्छे से देखा तो बच्ची पानी की तली में दिखी। निशा रोते हुए बचालो मेरी बेटी को बचालो की आवाज लगा रही थीं। इसके बाद घर के बाहर गुजर रहे एक लड़के को बुलाया और रस्सी की मदद से उसे हौद में उतारा। इसके बाद बच्ची को निकाला तो अन्य परिजनों को पकड़ाया था। परिजन तुरंत पास के ही डॉक्टर के पास लेकर गए। इसके बाद सिटी के नागरिक अस्पताल लेकर गए लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता बेसुध हो गए।
15 फीट गहरी है हौद
निशा ने बताया कि हौद 15 फुट के आसपास गहरी थी। इसमें पानी को स्टोर किया जाता था। घर में रहने वाले किरायेदार अक्सर हौद का ढक्कन खोलकर पानी इसी में से भरते थे। पानी भरने के बाद ढक्कन बंद कर दिया जाता था। हाल ही में पानी को निकालने के लिए हौद से ढक्कन को हटाया गया था। इसके बाद बंद करना भूल गए। इसके कारण यह हादसा हो गया। वहीं छोटूराम ने बताया कि उनके दो बच्चे थे, जिसमें चंदा कुमारी बड़ी थी। इसके बाद दूसरा बच्चा सात महीने का है।
चंदा कुमारी का फाइल फोटो