- रेलवे स्टेशन से दिल्ली के गृह मंत्रालय के क्लर्क से ऑटो में की गई थी वारदात
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। कोर्ट ने गृह मंत्रालय में तैनात क्लर्क से लूट के मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी राहुल उर्फ पिल्लन और विक्रांत उर्फ कालू को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने सुनाया। वहीं लूटा गया मोबाइल खरीदने वाले गगन उर्फ गजनी को धारा 411 के तहत दोषी करार देते हुए अंडर-ट्रायल के रूप में काट चुकी सजा को ही उसकी कुल कैद मानकर राहत दी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 6 मार्च 2022 को दिल्ली गृह मंत्रालय में तैनात क्लर्क मंदीप कुमार अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर उतरे थे और अंबाला सिटी जाने के लिए एक ऑटो में बैठे थे। ऑटो चालक और उसमें पहले से बैठे एक अन्य युवक ने उन्हें सुनसान इलाके में ले जाकर पीटा और मोबाइल व एक हजार रुपये छीन लिए।
घटना के बाद बदमाशों ने लूटे गए फोन में अपनी सिम डालकर इस्तेमाल किया और उनकी जीमेल आईडी सिंक होने के कारण उनके फोटो पीड़ित मंदीप की ईमेल पर लगातार पहुंचते रहे, जिससे पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना आसान हुआ। पुलिस ने 8 मई 2022 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और गगन के पास से वीवो मोबाइल बरामद किया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान मुख्य गवाह व पीड़ित मंदीप अदालत में बयानों से मुकर गए और आरोपियों की पहचान करने से इन्कार कर दिया, जिससे मुख्य आरोपियों के खिलाफ लूट का आरोप साबित नहीं हो सका। हालांकि, गगन के पास से लूटा गया मोबाइल बरामद होने और उसमें उसका सिम कार्ड इस्तेमाल होने के पुख्ता तकनीकी सबूतों के आधार पर अदालत ने उसे चोरी का माल खरीदने का दोषी माना और सजा सुनाई।