अंबाला। नागरिक अस्पताल में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी के तहत चल रहे हार्ट सेंटर ने आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार करने से मना कर दिया है। नकद, बीपीएल कार्ड आदि दस्तावेजों पर भी उपचार दिया जा रहा है। ऐसे में गंभीर मरीजों के लिए परेशानी बढ़ गई है।
3आनन-फानन में तीमारदार मरीज को निजी अस्पताल ले जा रहे हैं या फिर नकद राशि देकर और बीपीएल कार्ड से उपचार करवा रहे हैं। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए अंबाला सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने हार्ट सेंटर को शोकॉज नोटिस जारी किया है। जवाब मांगते हुए सेंटर संचालक को आयुष्मान के तहत उपचार शुरू करने के लिए भी बोला है। सिविल सर्जन ने यह जानकारी सोमवार को अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद दी। उधर, सेंटर संचालक का कहना है कि उन्हें कोई शोकॉज नोटिस नहीं मिला। जानकारी के अनुसार 2018 से लेकर अभी तक अकेले अंबाला की चार करोड़ तो प्रदेश के तीन अन्य नागरिकों अस्पतालों में चल रहे सेंटरों का मिलाकर कुल 9.15 करोड़ से ज्यादा बकाया पड़ा है स्वास्थ्य विभाग व पीपीपी मोड पर चल रहे हार्ट सेंटर के बीच लेनदेन के चक्कर में मरीजों को परेशानी हो रही है। नागरिक अस्पताल में उपचार न मिलने पर उन्हें निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। यहां तक कि मरीजों की भी जान पर बन आती है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंदों को समय पर उपचार दिलवाने के लिए ही शुरू की गई है। संवाद