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ट्रांसपोर्टरों का दर्द : 1600 किलोमीटर के सफर में 25 हजार रुपये के टोल

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जैन रोडलाइन के संचालक नवीन जैन - फोटो : संवाद
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अंबाला। सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में ट्रासंपोर्टरों की अहम भूमिका रहती है। पिछले कुछ वर्षों में अतिरिक्त टोल टैक्स के चलते ट्रांसपोर्टर की गाड़ी पटरी से उतर रही है।
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ट्रांसपोर्टरों की मानें तो 1600 किलोमीटर के सफर में 25 हजार रुपये का टोल देना पड़ जाता है। अब ट्रांसपोर्टर अगर टोल की राशि निकालने को भाड़ा बढ़ाता है तो लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है।
जैन रोडलाइन के संचालक नवीन जैन ने बताया कि कई बार उनके फास्टैग में रुपये होने के बाद भी टोल कर्मचारी चालक को परेशान करते हैं। कई बार चालक आधी रात में उन्हें नींद में सोते हुए उठाते हैं और इस समस्या से अवगत करवाते हैं। इसके बाद वह व्हाटसएप पर स्क्रीन शॉट भेजते हैं तब जाकर कर्मचारी फास्ट टैग से पेमेंट काटते है। लेकिन जब कैश की बात आती है तो कर्मी नकद में डबल रुपये लेते हैं। जो गलत है। कई बार देखा है कि टोल टैक्स पर सर्वर डाउन होने के कारण वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। ऐसे में टोल टैक्स फ्री होने चाहिए।
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किराया नहीं बढ़ा
ट्रांसपोर्ट के पूर्व प्रधान संजीव ने बताया कि उनकी दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में गाड़ियां चलती हैं। आज के समय में सबसे बड़ी समस्या टोल टैक्स की है। पहले के मुकाबले अब टोल टैक्स में अतिरिक्त खर्चा बढ़ गया है। जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किराया तो बढ़ा नहीं लेकिन टोल टैक्स के कारण खर्चे जरूर बढ़ गए है। कई बार देखा गया है कि टोल टैक्स पर जाम लगा रहता है जिसके कारण 15 से 20 मिनट तक गाडियां खड़ी रहती है। वहीं टोल के पास बाइपास बना दिए जाते हैं। पहले टोल टैक्स दो फिर बाइपास को क्रॉस करने में ही 15 से 20 किलोमीटर का दायरा पार करना पड़ता है जिसके कारण डीजल की खपत ज्यादा होती है।
अत्यधिक टोल से बढ़ रहा बोझ

ट्रांसपोर्टर देवी राम ने बताया कि गाड़ी का अतिरिक्त भाड़ा टोल टैक्स में चला जाता है। उनकी गाड़ियां मुंबई, अहमदाबाद व अन्य राज्यों में जाती है। जिसमें 10 टायर की गाड़ी का मुंबई का 25 से 30 हजार और अहमदाबाद का 15 हजार के करीब खर्चा आता है। उनकी कर्नाटक बैंगलुरू का आने जाने का खर्चा 15 हजार, चेन्नई 22 हजार और हैदराबाद के 17 हजार के करीब खर्चा आता है। सरकार को टोल टैक्स की दूरी तय करनी चाहिए। वह सरकार से मांग करते हैं कि टोल टैक्स को कम किया जाए।

जैन रोडलाइन के संचालक नवीन जैन- फोटो : संवाद

जैन रोडलाइन के संचालक नवीन जैन- फोटो : संवाद

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