पानीपत। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के बैनर तले ट्रांसपोर्टरों ने दिल्ली-एनसीआर में लगाए ग्रीन टैक्स के विरोध में शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। शहर में 150 से 200 ट्रक दूसरे दिन भी खड़े रहे।
इससे दिल्ली जाने वाली गाड़ियों का संचालन प्रभावित रहा। ट्रकों के पहिए थमने से माल ढुलाई न होने पर दो दिन में करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो गया। .ये दावा पानीपत ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान धर्मवीर मलिक ने किया।
उन्होंने कहा कि पहले प्रति ट्रक तीन हजार ग्रीन टैक्स लिया जाता था। इसे अब बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया है। इससे ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। सरकार ने पहले यूरो-4 गाड़ियों को बंद किया था। अब यूरो-6 गाड़ी खरीदने के लिए मजबूर किया। एक यूरो-6 ट्रक करीब 10 लाख तक महंगा पड़ता है। इसके बाद अब टैक्स बढ़ाया जा रहा है। ग्रीन टैक्स की राशि के उपयोग का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार को इससे पहले ग्रीन टैक्स के रूप में प्राप्त राजस्व के खर्च का ब्योरा देना चाहिए।
ट्रांसपोर्टर की हड़ताल 23 मई तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन करीब 50 लाख का ट्रांसपोर्ट कारोबार होता है। रोजाना 150 से 200 ट्रक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जाती हैं। इसलिए हड़ताल के चलते दो दिन में करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हड़ताल के चलते चालक और क्लीनर की भी परेशानी बढ़ गई है। ट्रक चालक मुकेश और अजमेर ने बताया कि ट्रक खड़े होने से उनको काम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में महंगाई के दौर में गुजारा कर पाना मुश्किल हो गया है। ब्यूरो