फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Train Accident: मालगाड़ी के लोको पायलट पर गिरेगी गाज, चीफ रेलवे सेफ्टी कमिशनर शुरू करेंगे जांच

Mon, 03 Jun 2024 10:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

डीएफसीसीआईएल का कॉरिडोर दुरुस्त कर दिया गया है। दोपहर एक बजे मालगाड़ी का संचालन शुरू हुआ है। मालगाड़ी के लोको पायलट पर गाज गिरेगी, चीफ रेलवे सेफ्टी कमिशनर जांच शुरू करेंगे।
विज्ञापन
हादसे के बाद मालगाड़ी के डिब्बे पर चढ़ा रेल इंजन। - फोटो : संवाद (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर के न्यू सरहिंद रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ियों के टकराने से रेलवे को लगभग 60 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें दो लोको इंजन के साथ दर्जनों डिब्बे क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुकसान की आकलन रिपोर्ट अब चीफ रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीआरएस) की अध्यक्षता में तैयारी होगी। इसकी जांच मंगलवार से आरंभ हो जाएगी।

विज्ञापन


वहीं रेलवे ने आमजन से इस मामले में मदद को लेकर अपील की है। जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि अगर किसी को भी इस हादसे के संबंध में कोई जानकारी है तो वो सीआरएस के समक्ष दे सकता है। दूसरी तरफ इस मामले में प्राथमिक स्तर पर मालगाड़ी के लोको पायलट की गलती सामने आई है। ऐसे में दोनों लोको पायलट के निलंबन की कार्यवाही तय मानी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान प्रत्येक तथ्य को खंगाला जाएगा कि इस आधुनिक कॉरिडोर पर किस प्रकार से लापरवाही हो गई और मालगाड़ी के दोनों लोको पायलट को क्यों लाल सिग्नल नजर नहीं आया। फिलहाल मालगाड़ी के दोनों लोको पायलट पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इस कारण उनके बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।
विज्ञापन


विदित हो कि रविवार तड़के लगभग 3.16 बजे डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर के न्यू सरहिंद रेलवे स्टेशन पर हादसा हुआ था, जब पहले ही स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी को पीछे से आई दूसरी मालगाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी थी।

हादसे में मालगाड़ी का इंजन अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन की मुख्य अप लाइन पर पलट गया। इस दौरान कोलकाता-जम्मूतवी स्पेशल यात्री ट्रेन नंबर 04681 लाइन से गुजर रही थी। इस ट्रेन के अंतिम दो कोच मालगाड़ी के इंजन की चपेट में आ गए। गनीमत रही कि समय रहते यात्री ट्रेन के लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और भयानक हादसा होने से टल गया।

33 घंटे बाद दुरुस्त हुआ ट्रैक
लगभग 33 घंटे बाद डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर दुरुस्त हो पाया और मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे पहली मालगाड़ी को चलाकर देखा गया। वहीं दूसरी तरफ अंबाला-लुधियाना की मुख्य लाइन पर सोमवार रात से ही मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया था। हालांकि इस दौरान दुर्घटना स्थल पर ट्रेनों की गति 20 से 30 किमी प्रतिघंटा रखी गई।

लोको पायलट को दिया गया था प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश के न्यू पिलखनी से पंजाब के साहनेवाल तक लगभग 5500 करोड़ के कॉरिडोर पर मालगाड़ियों के संचालन से पहले सभी लोको पायलट को एक से डेढ़ माह का प्रशिक्षण भी दिया गया था कि बीच रास्ते में कहां-कहां सिग्नल हैं और कहां मालगाड़ी की गति को कम रखना है। इस दौरान बीच रास्ते के रेलवे स्टेशनों की जानकारी भी लोको पायलट को दी गई थी। ऐसे में इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद रेलवे में भी हड़कंप मच गया है कि प्रशिक्षण के दौरान कहां कमी रह गई।

यह बहुत बड़ा हादसा है। इसमें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसका आकलन भी जांच रिपोर्ट में होगा। सीआरएस मंगलवार से इस मामले की जांच आरंभ कर देंगे। अभी लोको पायलट के बयान दर्ज नहीं हुए हैं कि वो नींद में था या नहीं। अभी दोनों लोको पायलट अस्पताल में हैं। ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो, इसे लेकर भी मंथन किया जा रहा है। -पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल अंबाला।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें