अंबाला। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के एक दिन बाद ही रोडवेज ही निर्देशों की अवहेलना करती दिखीं। शनिवार को बस स्टैंड के बहार राजमार्ग पर खड़ी हो रही रोडवेज और अन्य डिपो की बसों के कारण यातायात बुरी तरह से प्रभावित होता दिखा। यहां दिन में कई बार जाम के हालात बन रहे हैं। इसका मुख्य कारण रोडवेज विभाग की बसें हैं।
दरअसल बसों के चालक पुल के नीचे बसों को खड़ा कर पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ, जम्मू और दिल्ली की सवारी को बैठाते हैं। इसके कारण जाम लगा रहता है और दुर्घटना होने की स्थिति बनी रहती है जबकि यहां जाम और दुर्घटना न हो इसके लिए बैठक में रोडवेज को सवारियां बस स्टैंड के भीतर से बैठाने के निर्देश दिए गए थे।
यहां से होकर गुजरती है आठ राज्यों की बसें
अंबाला छावनी का बस अड्डा सबसे व्यस्त बस अड्डों में से एक है। यहां से रोजाना 700 के करीब बसें गुजरती हैं। जिसमें पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, हिमाचल, जम्मू, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत आठ राज्य शामिल हैं।
इसके साथ ही यहां से करीब 15 हजार यात्रियों का आवागमन लगा रहता है। जैसे ही चालक बसों को छावनी बस अड्डे से बाहर निकालते हैं। इसके बाद वह इन बसों को पुल के नीचे खड़ा कर देते हैं और सवारियों को बैठाने लगते हैं। इस दौरान एक के बाद एक बस लग जाती है और बसों की लंबी लाइन लग जाती है। इसके साथ ही राजमार्ग पर जाम लगा रहता है।
रेलवे स्टेशन के पास ड्यूटी पर रहता है होमगार्ड
कई बार यातायात को कंट्रोल करने के लिए रेलवे स्टेशन गेट नंबर दो के पास एक होमगार्ड के जवान की ड्यूटी रहती है। जो तीन तरफ से आ रहे ट्रेफिक को नियंत्रित करता है। मगर अकेला होने के कारण कई बार यातायात संभालना मुश्किल हो जाता है। जिसके कारण रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो से लेकर एक तक वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। ओवरब्रिज के नीचे खड़ी बसों के कारण बसों की लंबी लाइन लगी रहती है। जिसके कारण वीटा बूथ से लेकर पूर्ण सिंह के ढाबे तक वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। कई बार यहां पर वाहन रेंगते नजर आते हैं।