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Ambala News: व्यापारियों पर 200 करोड़ का पुराना टैक्स बकाया

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किसी ने काम छोड़ा तो काेई हुआ दिवालिया, एकमुश्त निपटान योजना में तीन बार सरकार ने दिया मौका, फिर भी सामने नहीं आए बकायेदार
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वैभव शर्मा
अंबाला। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने बीते चार वर्षों में तीन बार एकमुश्त निपटान योजना लाकर करोड़ों के पुराने लंबित कर के मामलों का निपटान कर दिया है। इसके बावजूद जिले में 200 करोड़ रुपये का पुराना वैट व अन्य कर बकाया है। विभाग के अनुसार, इनमें से अधिकांश वह कारोबारी हैं, जो या तो हैं नहीं या उनकी फर्में अब अस्तित्व में ही नहीं हैं। ऐसे में इन मामलों का निपटान मुश्किल से हो सकेगा। इन्हें विभागीय भाषा में पेपर केस कहा गया है।
जीएसटी विभाग ने वर्ष 2023 में सबसे पहले एकमुश्त निपटान योजना को लॉच किया था। इस योजना में वैट और अन्य करों के पुराने लंबित मामलों में रिकवरी का निपटान करना था। जिले में उस समय 360 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का कट कारोबारियों पर बकाया था। इस प्रकार की योजना की कारोबारी लंबे समय से मांग भी कर रहे थे। ऐसे में विभाग के पास 2197 बकायेदारों के आवेदन आए। इन्होंने 40 करोड़ रुपये की धनराशि का निपटान करा दिया। वहीं 60 करोड़ रुपये का ब्याज और 2 करोड़ रुपये का जुर्माना भी विभाग ने माफ किया। इसके बावजूद बकाया धनराशि रह गई।
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वर्ष 2025 में दूसरी बार आई योजना
इसके बाद विभाग ने वर्ष 2025 में दोबारा से कुछ और रियायत देकर योजना को लागू किया। इस दौरान 8087 आवेदन कारोबारियों के आए। इसमें 5.18 करोड़ रुपये के बकाये का निपटान किया गया। इस योजना के बाद फिर भी बकायेदार शेष रह गए। ऐसे में विभाग ने इस साल योजना फिर से लागू कर तीसरी बार ऐसी फर्मों को मौका दिया। इस बार 164 आवेदन अभी तक आ चुके हैं। इनमें से 16.22 करोड़ रुपये की धनराशि का निपटान हो चुका है। तीन बार की प्रक्रिया करने के बाद भी 200 कराेड़ रुपये का पुराना टैक्स बकाया खड़ा है। जिसे अब पेपर केस माना जा रहा है।
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जिले में तीन बार में अधिकांश कारोबारियों ने योजना का लाभ दिया है। अब करीब 200 करोड़ की पेपर केस वाली फर्में ही रह गई हैं। इनमें आगे विभागीय निर्देश के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। इनमें कई फर्में अब नहीं हैं।
- सुरिंदर सिंह, उप आयुक्त, जीएसटी विभाग
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