अंबाला सिटी। पीएम नरेन्द्र मोदी के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील को लेकर अंबाला के सराफा कारोबारियों में हलचल मची हुई है। सराफा कारोबारी और निर्माता इस फैसले को देशहित में तो बता रहे हैं पर इसके दूरगामी परिणामों को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि किसी के घर में शादी होगी तो उसका आभूषण खरीदना जरूरी है। जो लोग सोने को निवेश के तौर पर देखते हैं तो वह खरीदारी न भी करें तो इतनी समस्या नहीं आएगी। सराफा कारोबार पहले से ही दाम बढ़ने के कारण हिचकोले ले रहा है। काम भी पहले की तुलना में कम हो गया है। अंबाला में सराफा कारोबार काफी अहम है। यहां पर गहने बनते भी हैं और यहां से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तक के लोग आभूषणों की खरीदारी करते हैं।
सराफा बाजार पहले से ही कई दिनों से सुस्त है। सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पीएम की अपील का पांच से 10 दिन बाद प्रभाव देखने को मिल सकता है, हालांकि पीएम के भाषण के बाद सोने के दाम में उछाल देख रहे हैं।-सुधीर बिंदलस, सराफा कारोबारी
देशहित में पीएम का भाषण ठीक हो सकता है, मगर सराफा बाजार को लेकर हमारे सामने मुश्किल खड़ा करने वाला फैसला है। अगर कोई कार्यक्रम के लिए आभूषण लेता है तो यह ठीक है। मगर निवेश को लेकर लोग न खरीदने के बारे में सोच सकते हैं। इस संबंध में हम एसोसिएशन के माध्यम से पत्र भी सरकार को लिख रहे हैं।-नरेश अग्रवाल, प्रधान, अंबाला सराफा एसोसिएशन
पीएम की अपील देशहित की दिशा में है। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से सोने की खरीदारी करें। अगर अधिक जरूरत है तब ही आभूषण लें अन्यथा एक साल के लिए आगे बढ़ा सकते हैं तो बढ़ा दें।-श्रीकांत जैन, सराफा कारोबारी
अभी तक इस फैसले को लेकर अभी कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। हम सभी एसोसिएशनों के पदाधिकारी आपस में जिक्र कर रहे हैं ताकि आगे फैसला लिया जा सके।-दीपक, अंबाला सराफा ट्रेडर्स एवं मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन