अंबाला सिटी। शहर में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाने के लिए सरकार और किसानों के बीच सहमति बन गई है। शुक्रवार को एग्रीगेटर्स, सीएम नायब सैनी और मुख्य सचिव हरियाणा के बीच हुई बैठक लंबी प्रक्रियाओं के बाद आखिरकार रंग लाई है। खास बात यह है कि तीन साल तक किसानों और सरकार के बीच चले लंबे संघर्ष में आखिरकार किसानों का फायदा हुआ है, क्योंकि तीन साल पहले इस जमीन को किसान 80 से 90 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से देने को तैयार थे, पर सरकारी प्रक्रियाओं में फाइल ऐसी अटकी कि तीन साल तक कोई निर्णय ही नहीं हो सका।
इस दौरान किसानों ने तर्क दिया कि जमीनों के दाम में बढ़ोतरी हो गई है। यही कारण है कि पिछली बार जब जमीन के दाम को लेकर हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) और किसानों के बीच बैठक हुई तो किसानों ने 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से अपनी जमीन देने के लिए कह दिया था। हालांकि मोलभाव होने के बाद किसानों ने आखिरी रेट 1.80 करोड़ रुपये प्रति एकड़ दिया था। अब सरकार और किसानों दोनों ने बीच का रास्ता निकाल लिया है, ऐसे में सरकार को 1.55 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से किसानों को भुगतान करना होगा।
200 किसानों को देनी होगी एक हजार एकड़ भूमि
अंबाला सिटी में नग्गल क्षेत्र गांवों के आसपास आईएमटी बनानी प्रस्तावित है वहां पर कुछ समय पहले किसानों ने ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन देने के लिए आवेदन किया था। किसानों और सरकार के बीच में तीन साल तक बातचीत का रास्ता अख्तियार करने वाले बड़ी गांव के निवासी एग्रीगेटर परमजीत सिंह इसे बड़ी सफलता मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 200 किसान परिवारों से जुड़ी यह जमीनें हैं। सभी किसानों ने सरकार के रेट पर सहमति जता दी है तो जल्द सरकार के पक्ष में रजिस्ट्री कराने का काम शुरू होगा, इसके बाद एचएसआईआईडीसी के अधिकारी आईएमटी को लेकर काम शुरू करेंगे। यहां पर 900 एकड़ में एक जमीन का पूरा चक है, जिसे लेने के लिए विभाग काफी आतुर भी है।
426 किसानों ने 2076 एकड़ जमीन के लिए जताई थी इच्छा
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश सरकार के आदेशानुसार एचएसआईआईडीसी ने किसानों से जमीन उपलब्ध करवाने के लिए ऑफर किया। इस ऑफर के बाद अंबाला शहर के गांव नग्गल के किसानों ने करीब 300 एकड़, नडियाली के किसानों ने करीब 513 एकड़ और गांव खैरा के किसानों की लगभग 23 एकड़ जमीन आईएमटी के लिए उपयुक्त लगीं। हालांकि जिले के लगभग 426 किसानों ने 2076 एकड़ जमीन आईएमटी परियोजना के लिए ऑफर की थी।
सरकार ने उपायुक्त की लगाई थी जिम्मेदारी
आईएमटी को लेकर सरकार ने अंबाला के उपायुक्त की जिम्मेदारी लगाई थी कि वह मामले में समाधान निकालें। पिछले वर्ष पूर्व उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया था कि प्रशासन की तरफ से अंबाला में जमीन का कलेक्टर रेट 34 लाख रुपये प्रति एकड़ हैं लेकिन किसानों ने जमीन के भाव ज्यादा लगाए हैं, इसलिए किसानों से इस जमीन के भाव को ठीक करने के लिए उपायुक्त को जिम्मेवारी सौंपी गई थी।
एक शहर जैसा होगा उद्योग के लिए आईएमटी
इस जिले में आईएमटी बनने के बाद लोगों को बहुत फायदा होगा, इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और व्यापारियों और उद्योगपतियों को एक ही टाउनशिप में तमाम सुविधाएं मिल पाएंगी। इस टाउनशिप में उद्योगों के लिए प्लॉट तो दिए ही जाएंगे, इसके साथ मार्केट और रिहायशी प्लाॅटों की भी सुविधा दी जाएगी। यह टाउनशिप अपने आप में एक शहर जैसा होगा।