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तीन दिन पहले ईशम सिंह ने शपथ पत्र में बताया दिया था जान का खतरा

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बलदेव नगर हाउसिंग बोर्ड में हुए दोहरे हत्याकांड की गुत्थी अभी अनसुलझी है। सोमवार को पूर्व पार्षद अमरजीत कौर और आरोपी ईशम सिंह के शव का पोस्टमार्टम कर उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अस्पताल में पहुुंचे ईशम सिंह के बेटे अजय ने कहा कि मेरे पिता आत्महत्या नहीं कर सकते। उनका मर्डर किया गया है। इतना ही नहीं ईशम ने 7 जनवरी को ही एक शपथ पत्र भी लिखवा दिया था। बेटे अजय ने इसे पेश किया। इसमें ईशम सिंह ने अपनी हत्या की आशंका जताई थी। इस शपथ पत्र में ईशम ने यह भी लिखा है कि मुझे भी आत्महत्या पर विवश किया जा सकता है। ऐसे में ईशम सिंह के इस शपथ पत्र ने पुलिस की सिरदर्दी बढ़ा दी है।
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बता दें कि जिस पिस्टल से हत्याकांड को अंजाम दिया गया वह ईशम सिंह के बॉडी गार्ड विरेंद्र की थी। रविवार शाम करीब 5 बजे अमरजीत कौर सोढी की ईशम सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
ईशम सिंह ने 7 जनवरी को बनाए शपथ पत्र में कहा...
ईशम सिंह ने लिखा है कि मैं अमरजीत कौर से पहल बार एक राजनीतिक कार्यक्रम में मिला था। बाद में गहरी दोस्ती में हो गई। अमरजीत कौर ने अपने दोनों बेटों की शादी के लिए मुझसे 20 लाख रुपये लिए थे। इसके बदले में अमरजीत कौर ने अंबाला स्थित अपने दो प्लाट जिनका कुल एरिया 650 गज के करीब का है इनका इकरानामा मेरे साथ किया। इसी बीच मेरी पत्नी का निधन हो गया। ईशम सिंह ने शपथ पत्र में लिखा है कि मेरा शराब के ठेके पर अंबाला में एक एक्सीडेंटल केस बन गया था। मैं जेल चला गया। जब कोरोना में मैं पैरोल पर घर आया तो अमरजीत कौर से कहा कि मैंने तुम्हारे बच्चों की शादी में मदद की थी अब मेरे बच्चों की शादी की तैयारी करनी है। मैंने अपने तीनों बच्चों की शादी के लिए 45 तोले सोने के आभूषण तैयार करवाए हैं और इसके साथ 15 लाख रुपये अमरजीत कौर को संभालने के लिए दे दिए, और कहा कि यह सभी मेरी बेटी काजल की शादी में काम आएंगे। इतना ही नहीं अमरजीत कौर ने मुझसे मेरी गाड़ी भी ले ली है। अब वह न तो मेरी गाड़ी मुझे लौटा रही है न ही जेवर और न ही 15 लाख रुपये। मुझे जान माल का खतरा है, मेरे साथ कुछ भी हो सकता है। मुझे आत्महत्या को मजबूर भी होना पड़ सकता है। अमरजीत कौर प्लाट इकरारनामे के सभी दस्तावेज तक उठाकर ले जा चुकी है।
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बेटी की शादी में कौन सी गाड़ी दूं इसी की सता रही थी चिंता
ईशम सिंह की सबसे बड़ी संतान बेटी काजल का रिश्ता तय हो चुका है। अप्रैल माह में शादी भी तय है, जिसकी तारीख जल्द ही निकलवाकर संदेशा भेजने का काम शुरू होना था। बेटे अजय ने आरोप लगाए कि रुपये अमरजीत कौर के पास होने के कारण वह बाकि बची तैयारियों के लिए अंबाला आए थे। वारदात से पहले ईशम सिंह के साथ आ रहे गाड़ी चालक धर्मवीर और बॉडी गार्ड विरेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार सुबह ईशम सिंह का फोन आया कि धर्मवीर गाड़ी ले आ, हमें आज फिर अंबाला जाना है। इसके बाद करीब साढ़े 10 बजे करनाल से अंबाला के लिए निकले थे। धर्मवीर ने बताया कि बॉडीगार्ड मेरे साथ वाली सीट पर तो ईशम सिंह पीछे वाली सीट पर बैठे थे। पूरे रास्ते ईशम सिंह की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि बेटी की शादी नजदीक आ रही है, जिसको लेकर तैयारियां चल रही हैं। तो मैं उसे शादी में कौन सी गाड़ी दूं, कौन सा रिजॉर्ट बुक करूं, क्या-क्या और करना है। बस इसी बात की चर्चा होती रही थी। बातचीत के दौरान एक दो बार ईशम सिंह ने बताया कि मेरे 15 लाख रुपये की रकम और 45 तोले सोना, कार वापस लेकर आनी है, वहीं खरीदे गए प्लाट का भी हिसाब करना है। इसके बाद शादी की तैयारियां पूरी कर लेंगे और करनाल पुरानी मंडी में आकर अच्छा सा ऑफिस खोलेंगे।
हत्या क्यों की गई अभी इस मामले को खुलासा नहीं हो सका है। आज पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। जांच के बाद ही बताया जा सकेगा कि हत्या के क्या कारण रहे।
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- हमीर सिंह, इंस्पेक्टर बलदेव नगर थाना।
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