अंबाला सिटी। उत्तर भारत का ऐतिहासिक श्री वामन द्वादशी मेला 24 से 26 सितंबर तक आयोजित होगा। इसके लिए श्री सनातन धर्म सभा की कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। मेले में अबकी बार जबलपुर का श्री श्याम अंतरराष्ट्रीय बैंड देखने योग्य होगा। साथ ही गायकों की प्रस्तुति, कीर्तन और झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मेले में तीनों दिन ड्रोन से पुष्प वर्षा की जाएगी।
सबसे ज्यादा आकर्षक का केंद्र जबलपुर का श्री श्याम अंतरराष्ट्रीय बैंड रहेगा। यह बैंड धार्मिक और देशभक्ति की धुन से आकर्षण का केंद्र होगा। इसके अलावा आगरा, दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के बैंड भी मेले में अपनी प्रस्तुति देंगे। मेले में नौ झांकियां होंगी। शोभायात्रा में हिंडोलों के आगे पानीपत की मंडली कीर्तन करेगी। इस बार नौरंगराय तालाब पर श्री वामन भगवान की मूर्ति स्थापना की जाएगी। यह मूर्ति पांच फुट की होगी। 26 सितंबर को मूर्ति स्थापित की जाएगी। संवाद
शोभायात्रा के साथ भगवान वामन होते हैं विराजमान
मेले के पहले दिन पांच मंदिरों से हिंडोले आते हैं। शोभायात्रा और पूजा-अर्चना के बाद भगवान वामन शहर की पुरानी अनाज मंडी में विराजमान होते हैं। यह हिंडोले बड़ा ठाकुरद्वारा, राधे श्याम मंदिर, कलाल माजरी से दो हिंडौले, नौरया धर्मशाला से आते हैं। मेले के तीसरे अंतिम दिन बैंड के साथ शोभायात्रा निकाली जाती है। देर रात तक हिंडोले नौरंगराय तालाब पर परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं।
मेले में तीन दिन ये होंगे कार्यक्रम
श्री सनातन धर्म सभा प्रधान नरेश अग्रवाल ने बताया कि 24 सितंबर को शहर की पुरानी अनाज मंडी में हिंडोले विराजमान होंगे। उसी दिन रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिसमें मशहूर गायक हेमंत बृजवासी भजनों की प्रस्तुति देंगे। 25 सितंबर को श्रद्धालु हिंडोलों के दर्शन करेंगे और रात को आतिशबाजी होगी। आतिशबाजी के लिए सहारनपुर से कलाकार आएंगे। इसी दिन कार्यक्रम में वृंदावन से वंदना अपनी प्रस्तुति देंगी। कार्यक्रम में रासलीला और फूलों की होली खेली जाएगी।