अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में उपचार के दौरान मृत हुए व्यक्ति का आधार कार्ड। संवाद
अंबाला। बेटे के संस्कार के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए मां बेटे के शव को छावनी के नागरिक अस्पताल में छोड़कर चली गई। शव को अब जीआरपी ने अपने कब्जे में लिया है, जिससे उसका संस्कार कराया जा सके।
मृतक की पहचान यूपी के जामो गांव, जिला अमेठी निवासी 40 वर्षीय समर बहादुर उपाध्याय के साथ हुई। इस संबंध में गांव के सरपंच से भी जीआरपी ने संपर्क किया है। मामले के जांचकर्ता विक्रम ने बताया कि 24 जनवरी को बीमारी की हालत में समर को अंबाला के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान उसकी मां भी उसके साथ थी। वो आगामी सफर के लिए अंबाला स्टेशन पर आए थे, हालांकि मृतक के पास कोई टिकट नहीं मिली।
25 जनवरी को समर की मौत हो गई। कुछ देर तक तो उसकी मां अस्पताल में मौजूद रही। जब उसे शव ले जाने और संस्कार की बात कही गई तो उसने बताया कि उसके पास पैसे नहीं है। इसके कुछ देर बाद वो अस्पताल में नजर नहीं आई। कई चक्कर काटने के बाद भी उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। रेलवे स्टेशन पर पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों मां-बेटा स्टेशन पर देखे गए थे और उनके पास पैसों की काफी तंगी थी। शव का पोस्टमॉर्टम बुधवार को करवाया जाएगा।