अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव से पहले वार्ड नंबर 11 में शामिल हुए गांव लिहारसा और कालूमाजरा के क्षेत्रवासियों ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर जमकर बवाल काटा। शिकायतों की लंबी सूची लेकर पहुंचे दर्जनों लोगों ने उनके गांव को निगम से बाहर कर ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया कि जब से उनके गांव को नगर निगम में शामिल किया गया है, वहां विकास कार्य रुक गए हैं।
दूसरी ओर, उन पर भारी भरकम टैक्स लगाया जा रहा, जिसे गांववासियों के लिए देना किसी भी हाल में संभव नहीं है। ऐसी ही अन्य मांगों को लेकर गांववासी उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीण उपायुक्त से मिलने की मांग करने लगे। काफी देर उपायुक्त नहीं मिले तो क्षेत्रवासियों ने इस संबंध में एसडीएम कार्यालय का घेराव करने का निर्णय किया। जैसे ही वह जाने लगे तो सुपरिंटेंडेंट मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की बात सुनते हुए उनके शिकायत पत्र को लिया। इसके बाद लोग वापस लौटे।
यह है भौगोलिक स्थिति
गांव लिहारसा में 1200 और कालूमाजरा में करीब 500 लोग रहे हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों का विकास नहीं हो रहा है। जानकारी के अनुसार इससे पहले गांव सौंडा और गांव कांवला के लोग भी ऐसी ही मांग प्रशासन के समक्ष उठा चुके हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन उनकी समस्या नहीं सुनता है तो अगली बार वह अन्य गांव के लोगों के साथ उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
यह हैं मांगें
गांव के लोगों की वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह नगर निगम के भारी भरकम टैक्स दे सकें।
ग्रामीण अपने प्रयोग के लिए शुद्ध दूध पीने हेतु पशुपालन का काम करते हैं जो नगर निगम में रहते हुए संभव नहीं है।
नगर निगम में आते ही गांव का विकास रुक गया है, सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, सीवर प्रणाली ठप है।
पहले छोटे-छोटे काम गांव के सरपंच के माध्यम से हो जाते थे, परंतु अब उन्हें नगर निगम के धक्के खाने पड़ रहे हैं। इसमें समय और रुपये दोनों की बर्बादी हो रही है।
क्षेत्र की स्थिति दयनीय हुई
जब से हमारा गांव नगर निगम में शामिल हुआ है तभी से क्षेत्र की स्थिति दयनीय हो गई है। न तो कोई विकास कार्य हो रहा है और न ही कोई सुविधा मिल रही है। हम नगर निगम से गांव को बाहर करवाकर पंचायत ही रहना चाहते हैं। इसलिए यहां पहुंचे हैं।
- राजकुमार, निवासी, लिहारसा।
परेशानी के अलावा कुछ नहीं मिला
पंचायत में रहते हुए हमारे पास हर सुविधा थी, मगर जब से नगर निगम में हमारे गांव को शामिल किया गया है तब से हमें केवल परेशानी के अलावा और कुछ भी हाथ नहीं लगा है। इन्हीं परेशानियों के कारण हमें शिकायत देने आना पड़ा है। मांग पूरी की जाए।
- रामरस पाल, निवासी, लिहारसा
पशु अपनी सुविधा के लिए रखे
नगर निगम क्षेत्र से डेयरियों को बाहर कर रहे हैं जबकि क्षेत्रवासियों के पास तो ज्यादा पशु भी नहीं हैं। उन पशुओं को सभी ने अपनी सुविधा के लिए रखा हुआ है। इससे किसी को कोई परेशानी नहीं है। इसके बावजूद सभी को परेशान किया जा रहा है। यह गलत है।
-सतीश, निवासी कालूमाजरा
टैक्स लगाए, नहीं दी सुविधाएं
पहले न तो पानी के बिल की समस्या थी और न ही हाउस टैक्स को लेकर कोई झंझट। अब नगर निगम की ओर से भारी भरकम टैक्स दिए जा रहे हैं जबकि सुविधा कुछ भी नहीं। गांववासी वैसे ही अपनी आजीविका मुश्किल से चलाते हैं। यह लोग हमें परेशान कर रहे हैं।
- राज कुमार लाड़ी, निवासी, कालू माजरा
सरपंच करवाता था जल्दी काम
पहले छोटे-मोटे कामों के लिए हमें ज्यादा धक्के नहीं खाने पड़ते थे। सरपंच के पास जाते थे और वह आसानी से काम करवा देता था। अब पार्षद और नगर निगम के धक्के खाकर हम तंग आ चुके हैं। इसलिए हमारे गांव को दोबारा से ग्राम पंचायत में तब्दील कर देना चाहिए।
मंगा राम, निवासी, लिहारसा
निगम में शामिल क्यों किया
चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, परंतु अब सारे वादे हवा हवाई हो गए हैं। हमारे क्षेत्र में कोई भी विकास नहीं हुआ है। समझ नहीं आ रहा है कि आखिर हमें नगर निगम में शामिल ही क्यों किया गया। पहले जो काम हो रहा था अब तो वह भी नहीं हो रहा।
- बलकार, निवासी लिहारसा।
हमारे पास अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई। अगर लोगों की किसी भी तरह की समस्या है तो वह हमें बता सकते हैं। उनकी समस्या के समाधान का पूरा प्रयास किया जाएगा।
- जरनैल सिंह, ईओ, नगर निगम अंबाला।