- सेक्टर-7 में 900 प्लाॅट में से 100 पड़े खाली, 4 हजार की है आबादी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। हरियाणा का सबसे पुराना सेक्टर-7 में सड़कों और नालों की हालत ठीक नहीं है। यहां सेक्टर के अंदर नाले तो बने हैं, मगर इन नालों को बाहरी मुख्य नालों से नगर निगम की ओर से नहीं जोड़ा गया है, इस वजह से सेक्टर के अंदर के पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो पाती। बारिश में तो यह नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। मंगलवार को हुई बारिश में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।
ग्लैक्सी के पीछे सामुदायिक भवन की तरफ जाने वाला नाला ओवरफ्लो हो गया। जिससे बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पाई। वहीं, नगर निगम की ओर से करीब 2.50 करोड़ की लागत से 6 टूटी सड़कों को बनाया जाएगा। इसको लेकर पूर्व मेयर शैलजा संदीप सचदेवा उद्घाटन कर चुकी हैं।
सेक्टर में 4 हजार लोगों की आबादी
सेक्टर-7 हरियाणा का सबसे पुराना सेक्टर है। इस सेक्टर को करीब 1975 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से काटा गया था। पहले इस सेक्टर का नाम सेक्टर-2 था, मगर बाद में नाम बदलकर सेक्टर-7 कर दिया गया था। सेक्टर में करीब 900 प्लाट कटे हुए हैं। इनमें से 800 प्लाट में घर बने हैं। करीब 50 प्लाट खाली हैं और करीब 50 मकान बने हुए हैं, लेकिन वह बंद हैं।
सामुदायिक भवन की हालत पहले से ठीक
इस सेक्टर में बना सामुदायिक भवन काफी समय से खराब हालत में था। निगम की ओर से भवन की हालत को सुधारने के लिए निविदा जारी की गई थी, मगर काफी समय तक कार्य लटका रहा और अब सोसाइटी की देखरेख में कार्य पूरा हुआ है, मगर अभी इस भवन की चारदीवारी नई बननी है। इस चारदीवारी को नई बनाने के साथ ऊंचा किया जाना है। भवन के पीछे का खाली क्षेत्र कच्चा पड़ा है। इस क्षेत्र में टाइल लगाई जानी है। इसी तरह सेक्टर की मुख्य रोड तो नई बनेंगी। इसके बाद सेक्टर के अंदर की सड़कों को भी बनाया जाना है। अभी इन सड़कों की हालत खराब है। कई जगहों से सड़क बैठ गई है।
अंदर के नालों को बाहरी मुख्य नालों से नहीं जोड़ा
रेसीडेंट सोशल कल्चरल एवं वेलफेयर सोसाइटी सेक्टर-7 प्रधान अधिवक्ता संदीप सचदेवा ने बताया कि सेक्टर-7 हरियाणा का सबसे पुराना सेक्टर है। बीते दिनों सेक्टर की सड़कों को बनाने के लिए पूर्व मेयर शैलजा संदीप सचदेवा ने उद्घाटन किया था। करीब 2.50 करोड़ की लागत से 6 टूटी सड़कों को बनाया जाएगा। इन सड़कों को बनाने के लिए जल्द ही कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सेक्टर के अंदर के नालों की मुख्य नालों से कनेक्टिविटी नहीं की गई है। इस वजह से पानी निकासी में दिक्कत आती है और कई जगहों पर नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ सड़कों की हालत भी खराब है। इन सड़कों को बनवाने से पहले भी नाले व नालियों को बनवाएंगे। इसके बाद सड़कों की हालत को सुधारा जाएगा।