स्वास्थ्य विभाग के प्रयास एक बार फिर रंग लाए और जिले में अब किसी भी मरीज को कोरोना से कोई खतरा नहीं रहा। जिले के सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को स्वस्थ्य होने के बाद सोमवार को मुलाना के कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। एक साथ अस्पताल से 25 मरीज डिस्चार्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने राहत भरी सांस ली। वहीं पीजीआई में करीब दो सप्ताह से उपचाराधीन कोरोना पीड़ित ने भी कोरोना की जंग जीत ली है। उसकी दूसरी और तीसरी रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गई है लेकिन डायलिसिस के चलते उसे दूसरी विंग में भर्ती किया गया है। बता दें कि 4 मई को अंबाला में एक साथ 23 लोगों को कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद 6 मई को नांदेड़ साहिब से आए एक ही परिवार के 4 सदस्यों को भी कोरोना पीड़ित घोषित किया गया था। इनमें से आशा वर्कर और डाक्टर को एक दिन पहले डिस्चार्ज कर दिया गया था क्योंकि इन दोनों की दूसरी और तीसरी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई थी जबकि इन 25 को सोमवार को डिस्चार्ज किया गया। अंबाला में अब तक कुल कोरोना 41 में से दो मरीजों की मौत हुई है जबकि शेष सभी स्वस्थ्य हो चुके हैं।
अब तक लिए 3765 सैंपल, 116 की रिपोर्ट आनी बाकी : जिले में अब तक कुल 3765 सैंपल लिये जा चुके हैं, जिनमें से 3611 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इनमें 116 सैंपल की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। जिले के 7 कंटेनमेंट जोन में सोमवार को विभिन्न टीमों ने सर्वे किया तथा 25189 लोगों को स्क्रीन किया तथा दो लोगों के सैंपल लिए। सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि सोमवार को जिला में 10 विभिन्न मोबाईल टीमों ने जिले के अलग-अलग स्थानों में जाकर आज 375 व्यक्तियों का चैकअप किया जिनमें से दो को आईएलआई जैसे लक्षण मिले। 15 अप्रैल से जिले में मोबाईल टीमों ने कुल 4 लाख 55 हजार 212 लोगों का निरीक्षण किया है। कुल 1375 लोगों को आईएलआई एवं सारी जैसे लक्षणों के नागरिक अस्पताल में रेफर किया गया।
ठीक होकर लौटी बुजुर्ग महिला का विरोध
वहीं दूसरी और बब्याल निवासी बुजुर्ग महिला जब सोमवार शाम ठीक होकर अस्पताल से बब्याल में पहुंची तो लोगों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग की टीम बुजुर्ग को लेने आई थी और पूरे एरिया को सील कर दिया गया था तो अब उसे छोड़ने क्यों नहीं आई? जिस तरह लेकर गए थे उसी तरह छोड़ते हुए भी यह बताना चाहिए था कि वह ठीक हो गई हैं। लोगों ने कहा कि उस दिन से लेकर अब तक न केवल प्रशासन ने बल्कि लोगों ने भी उनकी तरफ से आने वाले रास्तों को बंद कर दिया है ताकि उस तरफ से कोई आवाजाही न हो सके। इससे आम लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।