फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: साहा में बस स्टॉप नहीं, दुकानों का शेड बना सहारा

Tue, 02 Sep 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी,
विज्ञापन


साहा। यह क्षेत्र शिक्षा, व्यापार और उद्योग की दृष्टि से अहम जगह माना जाता है। रोजाना हजारों लोग अंबाला, शाहाबाद, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल और चंडीगढ़ तक की यात्रा करते हैं। लेकिन अभी तक साहा में एक भी बस स्टॉप या बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो पाया है। सोमवार को भी लोग बारिश के चलते दुकानों के पास शेड का सहारा लेकर बस का इंतजार करते दिखे। इधर दुकानदार भी लोगों के दुकान के सामने एकत्रित होने से परेशान हो जाते हैं। उनका कहना है कि बाहर भीड़ लगने से ग्राहकों को अंदर-बाहर आने-जाने में दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पंचायत स्तर पर, सामाजिक संगठनों के माध्यम से और जनप्रतिनिधियों के सामने बस स्टैंड बनाने की मांग रखी जा चुकी है। लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, काम नहीं। स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द साहा में बस स्टैंड बनाया जाए। ताकि लोगों को बुनियादी सुविधा मिल सके और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं की परेशानियां खत्म हो
विज्ञापन



नालों की गंदगी बन रही आफत



साहा के मुख्य बाजार से गुजरती सड़क के किनारे नालों में गंदगी जमा है। इनमें से निकलने वाली बदबू बस का इंतजार कर रहे यात्रियों तक पहुंच जाती है। बदबू और गंदगी के बीच बस पकड़ना यात्रियों की मजबूरी बन गई है। साहा निवासी फूलवती ने बताया कि वह अंबाला कैंट में प्राइवेट नौकरी करती हैं। उन्हें रोजाना बस का इंतजार करने में काफी दिक्कत होती है। धूप में यह समस्या अधिक बढ़ जाती है। रामस्नेही ने बताया कि उन्हें सुबह स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाना होता है। कभी कभार बस से जाना पड़ जाए तो कोई बस स्टैंड न होने से सड़क पर ही खड़ा होकर इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन




छात्र-छात्राओं को होती है परेशानी

साहा और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर पढ़ाई करने आते-जाते हैं। बस स्टैंड न होने के कारण उन्हें सड़क के बीच बसों में चढ़ना-उतरना पड़ता है। कई बार अचानक बस रुकने या भीड़भाड़ के चलते दुर्घटना जैसी स्थिति बन जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें