अंबाला सिटी। जिले में कई राजकीय प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इस वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। यह समस्या कई महीनों से बनी हुई है।
इन स्कूलों में एक ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहा है। उनके ऊपर ही स्कूल का रिकॉर्ड संभालने से लेकर मिड डे मील का जिम्मा है। साथ ही पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को भी पढ़ाई करवा रहे हैं।
इस वजह से इन शिक्षकों को ज्यादा परेशानी हो रही है। अगर कोई विभागीय बैठक होती है तो इन शिक्षकों को दूसरी स्कूलों से शिक्षक को बुलाना पड़ता है। जिले में सभी खंड में सबसे ज्यादा अंबाला खंड वन में शिक्षकों की कमी है। यहां से ज्यादा शिक्षक तबादले के बाद चले गए थे।
मई माह में विभाग ने शिक्षक किए थे एडजस्ट, फिर भी एक ही शिक्षक
दरअसल, बीते महीनों 2017 में भर्ती हुए प्राथमिक शिक्षकों के तबादले के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली हो गए थे। करीब 200 शिक्षकों का तबादला हो गया था।
इन शिक्षकों के तबादले के बाद जिले में 71 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में तो एक भी शिक्षक नहीं बचा था। यह स्कूल जीरो शिक्षक हो गए थे। इसके बाद विभाग ने दूसरे स्कूलों से शिक्षकों को यहां एडजस्ट किया था और कई स्कूलों में शिक्षक आ गए थे, मगर अब इन स्कूलों में एक ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहा है। इन स्कूलों में अन्य शिक्षक अभी तक नहीं आए हैं। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां शिक्षक सरप्लस भी हैं।
2017 में अंतिम नियमित भर्ती हुई थी : प्रकाश चंद्र
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव प्रकाश चंद्र ने बताया कि बीते माह जिले से 2017 बैच के शिक्षकों का तबादला हो गया था। इससे कई स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा था और कई स्कूलों में एक ही शिक्षक रह गया था।
विभाग ने खाली हुए स्कूलों में एक-एक शिक्षक को एडजस्ट किया था, अब भी उन स्कूलों में एक ही शिक्षक है। सरकार से मांग है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम की बजाए नियमित भर्ती की जाए। सरकार जेबीटी की भर्ती नहीं कर रही है। 2017 में अंतिम नियमित भर्ती हुई थी। जिले में कई स्वीकृत पद खाली पड़े हैं।
वर्जन
कुछ माह पहले तबादले के बाद कई प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा था, वहां दूसरे स्कूलों से शिक्षक एडजस्ट किए गए थे ताकि बच्चों की पढ़ाई खराब न हो। ऐसे करीब 71 राजकीय प्राथमिक स्कूल थे। अभी इन स्कूलों में एक ही शिक्षक पढ़ाई करवा रहा है। स्कूलों में और शिक्षक एडजस्ट करने को लेकर अभी निदेशालय से निर्देश नहीं मिले हैं। निदेशालय की निर्देशानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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