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स्मार्ट सिटी तो बनाएंगे, पर समस्याओं से कैसे निपटेंगे

Mon, 01 Jun 2015 01:13 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
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अंबाला कैंट। बिना प्लान के 48 साल में डेवलेप हुए अंबाला को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना में कई पेंच फंस सकते हैं। पिछले 48 सालों में अंबाला में मूलभूत सुविधाएं देने में ही पसीने छूट रहे हैं, जिससे आम जनता में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति है कि क्या अंबाला स्मार्ट सिटी के दायरे में डेवलेप हो सकेगा।
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यह चाहिए स्मार्ट सिटी में
अंबाला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जो बेसिक जरूरतें हैं उनको डेवलेप व हाईटेक किया जाना है। इसके लिए स्मार्ट सर्विस मैनेजमेंट की जरूरत होगी। इस में पानी, गैस शॉप, गंदगी की सफाई, घरों की सफाई, व्हीकल रिपेयरिंग व क्लीनिंग, इलेक्ट्रिकल रिपेयर, स्वस्थ खाना, बेहतर सड़कें, आधुनिक बिजली सप्लाई, परिवहन सुविधाएं, ट्रेफिक व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट आदि शामिल हैं।

 यानी उपभोक्ताओं की दैनिक जरूरतों को हाईटेक तरीके से मैनेज करना और सर्विस देना शामिल हैं। इसके अलावा सबसे जरूरी एक प्लान के तरीके से अंबाला को डेवलेप करना है, जो वर्तमान में नहीं है।
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जनता बोली, स्मार्ट सिटी में ये समस्याएं दूर हों
स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जो मूलभूत सुविधाएं चाहिएं वे साल दर साल पिछड़ती रही हैं। एक स्ट्रीट लाइट ठीक करवाने के लिए ही दर्जनों फोन करने पड़ जाते हैं, लेकिन यह ठीक नहीं होती। जब तक कर्मचारियों का रवैया नहीं बदलता, तो कैसे स्मार्ट सिटी का सपना पूरा होगा
-आनंद मोहन शुक्ल, समाज सेवी।


स्मार्ट सिटी के लिए ट्रेफिक रूल्स और व्यवस्थाएं देनी होंगी। अंबाला की जो वर्तमान स्थिति है, वह इस पर खरी नहीं उतरती। यदि चंडीगढ़ जैसे ही बन जाएं, तो बेहतर है, लेकिन स्मार्ट सिटी बनाने के लिए लोगों को भी अपनी सोच बदलनी होगी।
-कुमार प्रशांत, युवा।

स्मार्ट सिटी का कांसेप्ट काफी बढिय़ा है, लेकिन सिर्फ कांसेप्ट से काम नहीं चलेगा। कई ऐसी सुविधाएं हैं, जिनके लिए आज तक कोई खास व्यवस्था नहीं बन पाई। सिर्फ मूलभूत सुविधाओं को यदि बेहतर बनाया जाता है, तो इसे आज भी बिना स्मार्ट सिटी के पूरा किया जा सकता है।
-प्रो. डा. सुरेश देसवाल।

अंबाला को यदि स्मार्ट सिटी बनाना है, तो नई तकनीक अपनानी होगी। इसके लिए उन लोगों की जिम्मेदारी बढ़ेगी, जो नई तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यदि इनमें युवाओं की भागीदारी ज्यादा हो काफी हद तक लोगों को फायदा होगा, जबकि अन्य काम करने के लिए वर्तमान स्थिति में सिर्फ सोच सकते हैं, करना मुश्किल है।
-एसएस सोनी, समाज सेवी।

स्मार्ट सिटी का कांसेप्ट अच्छा है, लेकिन जो स्थिति आज है, उसमें इसे पूरा कर पाना मुश्किल है। मूलभूत सुविधाओं की बात करें, तो उसे तो आज भी दिया जा सकता है। बेहतर होगा कि भविष्य में बनने वाली कालोनियां अथवा अन्य इलाका एक प्लान के तहत डेवलेप हो, तभी बात बनेगी। इसके परिणाम नए डेवलेप होने वाले एरिया में ज्यादा सामने आएंगे, वर्तमान एरिया में तो इसकी परसेंटेज काफी कम रह सकती है।
-लक्ष्यवीर, युवा।

स्मार्ट सिटी के सपने को यदि पूरा करना है, तो पब्लिक डीलिंग के काम समय पर हों इसकी व्यवस्था की जाए। आज तक सिटीजन चार्टर तो पूरी तरह से लागू हुआ नहीं है, तो आगे कैसे बढ़ेंगे। बेहतर होगा, पहले सरकारी कर्मचारियों के काम करने के रवैये को बदला जाए, तभी स्मार्ट सिटी का कांस्पेट पूरा हो पाएगा।
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-अजय कुमार, करधान।
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