उत्तर रेलवे अंबाला मंडल का अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो
अंबाला। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) द्वारा तैयार किए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के दूसरे नक्शे में भी खामियां मिली हैं। नक्शे को धरातल पर उतरकर नहीं बल्कि जीपीएस लोकेशन के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें आठ प्लेटफार्म वाला नक्शा तैयार कर दिया गया है और परिसर के सौंदर्यीकरण सहित अन्य कई कार्यों में भी गलतियां मिली हैं।
अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक ने इस दूसरे नक्शे को भी नकारा दिया है और आरएलडीए को निर्देश दिए हैं कि उनकी टीम अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन का मुआयना करे और फिर विभागीय अधिकारियों से बैठक करके उनसे जानकारी लें कि स्टेशन पर क्या और किस प्रकार की सुविधाओं की जरूरत है। इसके बाद ही तीसरे नक्शे को लेकर कार्रवाई शुरु की जाए।
चार से पांच करोड़ का खर्च
रेलवे ने अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के नक्शे को तैयार करने का काम आरएलडीए को दिया है। आरएलडीए ने नक्शे के निर्माण को लेकर सलाहकार नियुक्त किया हुआ है। प्राप्त जानकारी अनुसार अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की जिम्मेदारी सलाहकार को सौंपी गई है और इस कार्य के लिए उसे चार से पांच करोड़ का भुगतान भी किया जाना है।
ब्लाॅक देने के बाद भी चंडीगढ़ का काम अधूरा
आरएलडीए की ओर से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। इस कार्य को पूरा करने के लिए सितंबर और अक्तूबर माह में लगभग 25 से 30 दिन का ब्लॉक लिया गया था। इस कारण चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक को भी बंद किया गया था। बावजूद इसके आरएलडीए अपना कार्य पूरा नहीं कर पाया। अभी भी आधा काम हुआ है। ऐसे में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर दोबारा ब्लॉक लिया जा सकता है।
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के दूसरे नक्शे में भी खामियां थी। इसे आरएलडीए को वापिस कर दिया है। धरातल पर उतरे बिना नक्शे में आठ प्लेटफार्म बना दिए थे। इसके अलावा भी कुछ गलतियां थीं।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।