विशाल संत सम्मेलन और कीर्तन दरबार में मौजूद श्रद्धालु। प्रवक्ता
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झरमड़ी में संत सम्मेलन और कीर्तन दरबार का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नववर्ष को लेकर झरमड़ी में संत सम्मेलन और कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। यह संत सम्मलेन पीठाधीश्वर सतगुरुदेव संत बाबा रामसिंह की रहनुमाई में आयोजित किया गया। यहां स्वामी ज्ञान नाथ ने बताया कि मनुष्य जीवन में आत्मिक आनंद और मोक्ष मुक्ति के मार्ग से भटक कर विपरीत दिशा में चला जाता है। अपने पांव पर खुद कुल्हाड़ी मारकर अपना अहित कर लेता है और बाद में पछताता है। गुरु रहबरों की पावन वाणी कहती है कि जैसा सपना रात का ऐसा यह संसार अर्थात जैसा सांसारिक लोग, संसार के दृश्य जैसा दिखते है वैसा नहीं है।
ब्रह्मज्ञान और विवेक की तत्व दृष्टि से निरख-परख करके देखा जाए तो सबकुछ परिवर्तन शील है। सांसारिक लोग मतलब परस्त और मौकापरस्त हैं। इसलिए काल की प्रबल त्रिगुणात्मक माया के प्रभाव से सचेत होकर, श्वांस पर सतगुरु की याद में फरियाद करते हुए जीवन यापन करना होगा तभी मनुष्य जीवन में भगवत प्राप्ति का सपना साकार और कल्याण होगा।
विशाल संत सम्मेलन और कीर्तन दरबार में मौजूद श्रद्धालु। प्रवक्ता- फोटो : वीडियो