माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/नीलोखेड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 में हुए हादसे में ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि टक्कर लगने से पिकअप गाड़ी करीब 10 फीट दूर तक घिसटती चली गई थी। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय पिकअप में पिछली तरफ सवार बच्चे और बड़े सभी सोये हुए थे।
बदायु निवासी राजेंद्र और गुड्डी ने बताया कि उन्हें पता ही नहीं चला कि हादसा कैसे हो गया। उन्हें बस तेज आवाज सुनाई दी और इसके बाद कुछ ही सेकेंड में अचानक सब उलट-पलट हो गया। चीखपुकार मची हुई थी। जब तक होश संभाला, सड़क पर सारा सामान बिखरा हुआ था। संध्या व रोहित नीचे दबे हुए थे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
यूपी के बदायूं के रहने वाले सभी लोग पंजाब के होशियारपुर से रविवार को बदायूं के लिए चले थे। उन्हें एक शादी समारोह में शामिल होना था। हादसे ने उनकी खुशियां मातम में बदल दीं। अपने बच्चों को बेसुध हालत में देखकर महिलाएं भी चिल्ला उठीं।
प्रत्यक्षदर्शी काशु ढाबा के कर्मचारी सुमित ने बताया कि हादसा ट्रक की टक्कर से हुआ। हादसे के बाद पिकअप का संतुलन बिगड़ गया था और करीब 10 फीट दूर जाकर पलट गई। ढाबे के कर्मचारियों ने 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को नीलोखेड़ी के अस्पताल में पहुंचाया। हाईवे से सामान समेटने में भी काफी समय लग गया। हाइड्रा की मदद से पिकअप को सीधा किया गया।
गाड़ी में तीन परिवारों के थे सात-आठ बच्चे
बुटाना थाना के प्रभारी सचिन ने बताया कि पिकअप में सभी लोग मजदूर थे। वे पंजाब के होशियारपुर में काम करते थे। शादी समारोह में शामिल होने व त्योहारों से पहले अपने घर लौट रहे थे। तीन परिवारों में करीब सात-आठ बच्चे थे। टक्कर के बाद सारा सामान सड़क पर ही बिखर गया। घटना में घायल एक युवक ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ ट्रक की रफ्तार काफी अधिक थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप में सवार लोग सड़क पर जा गिरे। पुलिस के अनुसार हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक लेकर मौके से भाग गया। टक्कर मारने वाला वाहन अज्ञात है। उसकी पहचान के लिए सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसा ट्रक ड्राइवर की लापरवाही से हुआ है। केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
90.58 फीसदी हादसों में तेज रफ्तार वजह
करनाल। इस वर्ष जुलाई 2025 तक हुए 414 सड़क हादसों में 90.58 प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण हुई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2024 की तुलना में 16.45 प्रतिशत तक बढ़ा है। जबकि तेज रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए नेशनल हाईवे-44 और अन्य राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और चालान भी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद हादसों का ग्राफ घटने के बजाय बढ़ा हैं। आंकड़ों पर निगाह डालें तो वर्ष 2024 में जुलाई माह तक कुल 375 सड़क हादसे हुए थे। इस वर्ष इस अवधि में 10.40 प्रतिशत वृद्धि यानी 39 सड़क हादसे ज्यादा हुए हैं। 2024 में 278 यानी 74.13 प्रतिशत सड़क हादसों में तेज रफ्तार वजह थी, जोकि इस बार बढ़कर 375 यानी 90.58 प्रतिशत पर पहुंची है।
आईआरएडी की प्रोजेक्ट प्रबंधक स्वाति गुप्ता का कहना है कि गत वर्ष गलत दिशा में मुड़ने के कारण 47 और इस बार 76 हादसे हुए हैं। इसके अलावा ओवरटेकिंग के कारण 10 से बढ़कर 11 और गलत दिशा में वाहन चलाने से हुए हादसों की संख्या 20 से बढ़कर 31 हो गई है।