अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान भारत योजना के तहत आभा आईडी बनाई जा रही है। इस योजना के तहत 6 लाख से ज्यादा लोगों की आईडी बन चुकी है, जबकि 12 लाख आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आभा सॉफ्टवेयर में मरीजों के उपचार की सभी जानकारी अंकित की जा रही है। वहीं, आभा आईडी अंकित होने के बाद किसी मरीज को अगर पीजीआई जैसे बड़े संस्थान या अन्य अस्पतालों में उपचार करवाने के लिए जाना पड़े तो उन्हें उपचार के लिए कागजों का ढेर नहीं लेकर जाना पड़ेगा। सॉफ्टवेयर में आभा आईडी अंकित करते ही मरीज की सारी जानकारी चिकित्सक को दिख जाएगी, इससे उपचार में भी आसानी होगी। आयुष्मान भारत योजना के तहत ही आभा आईडी का निर्माण किया जा रहा है।
आसानी से खुद भी बना सकते हैं आभा आईडी
आभा योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुखप्रीत सिंह ने बताया कि आभा आईडी को आसानी से आधार कार्ड के जरिए बना सकते हैं, इसके लिए आधार नंबर को भरने के बाद ओटीपी आता है और उसके बाद मोबाइल नंबर भरते ही आईडी बनाई जा सकती है। जिन लोगों की आईडी पहले से बनी हुई है, उनकी आईडी कंप्यूटर पर दिख जाएगी। इस आईडी के बनने से मरीज के इलाज की सभी जानकारी उसमें होगी। मरीज को सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान कागजों का ढेर नहीं लेकर जाना पड़ेगा। उस आईडी के माध्यम से चिकित्सकों को मरीज के बारे में पता चल सकेगा। भविष्य में यह आईडी सभी मरीजों के लिए जरूरी होगी।