अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की टीबी विंग की ओर से अब जिले में 90 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग की ओर से 151 ग्राम पंचायतों के आवेदन राज्य टीम को भेजे गए थे। इनमें से सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर दिया गया है।
इससे पहले 44 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया था। अब कुल 195 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। जिला अंबाला में 400 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें से 90 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य 2026 तक पूरा करना है।
13 को रजत पदक तो 138 को मिला कांस्य
टीबी मुक्त पंचायत में भानपुर, बेगो माजरा, खन्ना माजरा, खासपुर, उदयपुर, रुकरी, सज्जन माजरी, घसीटपुर, पंजैल, चेतन, जंगू माजरा में जांच के दौरान एक हजार लोगों की जांच पर एक भी टीबी मरीज सामने नहीं आया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायतों को वर्ष 2023 में भी टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इसके अलावा 138 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक मिला है। जिन्होंने राज्य टीम द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा किया है। अंबाला वन की 44, बराड़ा की 20, नारायणगढ़ की 36, साहा की 24 और शहजादपुर की 27 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त होने के लिए कांस्य पदक मिला है।
अगले माह सम्मानित होंगी पंचायतें
जिन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया है उन्हें अब विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय टीम की ओर से छह तरह के पैरामीटर को पूरा करना पड़ता है। इसके आधार पर ही टीम की ओर से ग्राम पंचायत की जांच होती है और उसे टीबी मुक्त प्रमाण पत्र दिया जाता है।
वर्जन
हमारी ओर से टीबी मुक्त पंचायतों के नाम भेजे थे। उन्हें टीबी मुक्त घोषित कर दिया गया है। अब इन पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया जाएगा।
-डॉ. सीमा, डीटीओ टीबी विंग, अंबाला।