संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर/यमुनानगर। हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना की अप स्ट्रीम में मंगलवार शाम अभ्यास के दौरान मोटर बोट डूबने से लापता सेना की स्पेशल फोर्स के दो कमांडों की तलाश में सेना, हरियाणा और उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। सेना के करीब दस जवानों ने रस्सी के सहारे डूबी मोटर बोट बाहर निकाल ली। वहीं, सेना के गोताखोर भी नदी में जवानों की तलाश कर रहे हैं।
बैराज पर हुए हादसे की सूचना मिलते ही हरियाणा के अलावा यूपी एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। नदी में तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीमों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बचाव अभियान में लगी टीमों के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सेना के अभ्यास के दौरान जिस स्थान पर मोटर बोट डूबने से हादसा हुआ, उसके पास यमुना में एक टापू भी बना हुआ है। पहाड़ों से उतरकर यमुना कलेसर के पास मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है। घटनास्थल के पास बने टापू की तरफ यमुना का बहाव अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में रेस्क्यू टीमें इस क्षेत्र को भी खंगाल रही हैं। पानी का तेज बहाव और नदी में सिल्ट तलाश में चुनौती बनी हुई है।
स्टार्ट न होने से बोट डूबने लगी
जवानों के बोट में कूदने के बाद मोटर बोट तकनीकी खराबी के कारण स्टार्ट नहीं हो सकी और अचानक डूबने लगी। उस समय हेलिकॉप्टर भी वहां से जा चुका था। बोट डूबने पर जवान तेज बहाव वाली यमुना में कूद गए। एक दिन पहले हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 26 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था। तीन जवान पश्चिमी यमुना नहर की ओर तैरने लगे। करीब 600 मीटर तैरने के बाद वे नहर के खुले गेट से बाहर निकल गए, जबकि दो लापता हैं।
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पश्चिमी यमुना नहर में पानी रोकने की तैयारी, एनडीआरएफ बुलाई
लापता जवानों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की तैयारी है। पश्चिमी यमुना नहर डब्ल्यूजेसी के गेट बंद कर पानी की सप्लाई रोकने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। सेना के साथ एनडीआरएफ की टीम को भी मदद के लिए बुलाया गया है। यूपी के मिर्जापुर और हरियाणा के प्रतापनगर की पुलिस टीमें भी मौके पर मौजूद हैं।
बुधवार को बैराज पर यमुना का जलस्तर 31,850 क्यूसेक
बुधवार को हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 31,850 क्यूसेक दर्ज किया गया। लापता जवानों की तलाश के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश की एसडीआरएफ टीमें सर्च अभियान में जुटी हैं। अभियान के चलते बैराज पर हरियाणा और यूपी की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। वहीं हरियाणा की तरफ जाने वाली पश्चिमी यमुना नहर में करीब एक घंटे तक पानी रोका गया। जलस्तर कम होने के बाद नहर में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
पश्चिमी यमुना नहर एक किलोमीटर बाद ही दो धाराओं में बंटती है
हथिनीकुंड बैराज से पश्चिमी यमुना नहर निकलती है। बैराज से करीब एक किलोमीटर आगे जाने के बाद नहर दो धाराओं में बंट जाती है। इसी स्थान से हाइडल लिंक चैनल में पानी डायवर्ट किया जाता है। इस लिंक चैनल पर ताजेवाला, नैनोंवाली, भूड़कलां और बेगपुर हाइडल प्रोजेक्ट स्थापित हैं। नहर के इसी हिस्से में पानी का बहाव और दिशा बदलने की वजह से सर्च अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
ताजेवाला पुल पर मौजूद ग्रामीण व सेना के जवान। संवाद
ताजेवाला पुल पर मौजूद ग्रामीण व सेना के जवान। संवाद
ताजेवाला पुल पर मौजूद ग्रामीण व सेना के जवान। संवाद
ताजेवाला पुल पर मौजूद ग्रामीण व सेना के जवान। संवाद
ताजेवाला पुल पर मौजूद ग्रामीण व सेना के जवान। संवाद
ताजेवाला पुल पर मौजूद ग्रामीण व सेना के जवान। संवाद
ताजेवाला पुल पर मौजूद ग्रामीण व सेना के जवान। संवाद