संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 13वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से चल रही इस खींचतान के कारण अब छावनी की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह खराब हो गई है। आलम यह है कि मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी गलियों तक कचरे के ढेर लग गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद ने मुख्यालय से अतिरिक्त/आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती के लिए विशेष दिशा-निर्देश मांगे हैं।
गलियों में हालात खराब
छावनी के मुख्य बाजारों में तो प्रशासन किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था कर सफाई करवा रहा है। लेकिन रिहायशी इलाकों और अंदरूनी गलियों की सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। स्थानीय निवासी गुरप्रीत, सिमरण, मुकेश, पंकज आदि का कहना है कि 13 दिनों से नालियां साफ नहीं हुई हैं। इससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। भीषण गर्मी और कचरे की बदबू के कारण अब मोहल्लों में मक्खी-मच्छरों की भरमार होने लगी है।
डोर-टू-डोर कलेक्शन मात्र दिखावा
नगर निकाय द्वारा संचालित डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को गली-मोहल्ले में फैले कूड़े को एकत्रित करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में यह निजी कर्मचारी भी दिखावे के तौर पर काम कर रहे हैं जबकि धरातल पर हालात काफी खराब हैं।
लंबी हो रही हड़ताल
सफाई कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार के साथ वार्ता का कोई ठोस परिणाम निकलता नहीं दिख रहा। इधर, नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि सीमित संसाधनों में व्यवस्था संभालना काफी मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि मुख्यालय को पत्र लिखकर निजी एजेंसियों या अतिरिक्त श्रमिकों के माध्यम से सफाई कराने की अनुमति मांगी गई है।
-
हड़ताल के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है। हम वैकल्पिक संसाधनों से बाजारों की सफाई करा रहे हैं। अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती को लेकर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है, वहां से निर्देश मिलते ही अगल कदम उठाया जाएगा।
- देवेंद्र नरवाल कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर, अंबाला