आर्य गर्ल्स कॉलेज में संगीत कार्यक्रम के दौरान संगीत का महत्व बताते संगीतकार। कॉलेज
अंबाला। आर्य गर्ल्स कॉलेज के प्रांगण में स्पीक मेके, एसआरएफ सीरिज के तहत एक दिवसीय संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें मुख्य कलाकार विख्यात सरोद वादक पंडित पार्थो सारथी और तबला कलाकार आशीष पॉल की संगीत प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य ने किया।
प्राचार्या ने कलाकारों का स्वागत फूल मालाओं तथा स्मृति चिह्न देकर किया। प्रस्तुति देते हुए पं. पार्थो सारथी ने अपने वाद्य यंत्र सरोद के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगीत एक विशेष भाषा है जिसे सभी समझ सकते हैं तथा यह मनुष्य के मस्तिष्क की खुराक है। आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में मनुष्य को कई प्रकार की मानसिक, शारीरिक चिंताओं ने घेरा हुआ है। ऐसे में मन-मस्तिष्क को अवसाद तथा डिप्रेशन से बचाने के लिए संगीत ही एकमात्र साधन है। जिससे हम आनंद अनुभव कर सकते हैं। स्वयं को तनावमुक्त रख सकते हैं।भारतीय शास्त्रीय संगीत हमारी पुरातन धरोहर है। इसे बचाने के लिए हम सभी को यत्न करना चाहिए। यह हमारी अहम जिम्मेवारी है। इसके बाद उन्होंने राग मियां की तोड़ी तथा मित्र भैरवी राग में एक धुन का वादन किया। जिसे सभी ने खूब सराहा। उन्होंने छात्राओं से संगीत विषयक वार्तालाप किया तथा छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर दिया। कार्यक्रम का संचालन संगीत विभाग के प्राध्यापकों डॉ. शचि शुक्ला, डॉ. अनु वर्मा, यश भारद्वाज द्वारा किया गया।