राजेश शांडिल्य
अंबाला। कोरोना काल में लगी अधिकांश बंदिशें हटे कई दिन बीत चुके हैं। मगर हरियाणा रोडवेज के अंबाला बस अड्डे स्थित इकलौता रैन बसेरा अब तक बंद है। बस अड्डे पर तैनात स्टाफ ने बताया कि कोरोना काल के शुरू होते ही चंडीगढ़ स्थित हरियाणा राज्य परिवहन मुख्यालय से आए आदेशानुसार इसे बंद कर दिया गया था। अब अगले आदेशों का इंतजार है। उसके बाद ही इसे पहले की तरह यात्रियों की सुविधा के लिए खोल दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने अंबाला स्थित इस बस अड्डे के महत्व को देखते हुए यहां 16 साल पहले रैन बसेरा स्थापित किया था। अधिकारी भी मानते हैं कि कुछ साल पहले रैन बसेरे के सभी बेड फुल रहते थे। वर्तमान में चंडीगढ़ के दोनों मुख्य बस अड्डों पर यात्रियों के लिए ठहरने की सुविधा है। इन दोनों जगहों पर यात्रियों को तय किए गए शुल्क अनुसार सेवाएं दी जा रही हैं। वहीं हरियाणा रोडवेज के अंबाला कैंट बस अड्डे के प्रथम तल पर 22 अगस्त 2005 को तत्कालीन परिवहन मंत्री रणदीप सुरजेवाला द्वारा रैन बसेरे का लोकार्पण किया गया था, जो डेढ़ साल से बंद है।
शयनकक्ष में 20 बेड की व्यवस्था
हरियाणा रोडवेज अंबाला बस अड्डा संस्थान प्रबंधक अजीत सिंह ने बताया कि यहां प्रथम तल पर बनाए गए रैन बसेरे में एक पारिवारिक कक्ष और दो शयनकक्ष हैं। दोनों शयनकक्षों में 20 यात्रियों के लिए बेड की व्यवस्था है। इनमें से एक शयनकक्ष में 12 और दूसरे में 8 बेड लगे हैं।
शयनकक्ष व फैमिली रूम का शुल्क
फैमिली रूम का शुल्क 250 रुपये
सिंगल बेड का शुल्क 100 रुपये
यात्री या स्टाफ बिना शुल्क जुर्माना 500 रुपये
बस अड्डे की विशेषता
यूपी के लखनऊ सहित आठ राज्यों में सेवा
रोजाना बस अड्डे से लगभग 20 हजार यात्रियों का आवागमन
बस अड्डे की रोजाना आमदन 13 से 14 लाख से ज्यादा
रोजाना करीब 1000 बसों का आवागमन
हरियाणा रोडवेज के इकलौते रेन बसेरा पर लगा एक डेढ़ साल से ताला- फोटो : Ambala