अंबाला सिटी। अलसुबह से शुरू बारिश दोपहर तक जारी रही। मौसम विभाग ने 21 एमएम बारिश दर्ज की। इतनी अधिक बारिश होने के कारण जहां ठंडक बढ़ गई। वहीं शहर की कई कॉलोनियों व जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई।
इस कारण किसानों और आढ़तियों को ओर अधिक परेशान कर दिया, क्योंकि जो गेहूं मंडी में थी वह भीग गई। कई बोरियां तो बारिश में भीगने के कारण गल कर फट तक गई, जिस कारण आढ़तियों और किसानों को नुकसान हो रहा है। वहीं, सुबह का समय होने के कारण काम पर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए परेशानी रही।
इसके अलावा कई जगह पर लाइट भी गायब रही। डीसी कार्यालय और तहसील क्षेत्र में भी करीब दो घंटे तक बिजली प्रभावित रही। मौसम विभाग की माने तो आने वाली छह मई तक बारिश के आसार है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी परेशानी बढ़ सकती है।
यह रही मौसम की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.8 दर्ज किया गया है। जो कि सामान्य तापमान से 13 डिग्री तक कम है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी काफी गिरावट देखी जा रही है। इस समय न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री दर्ज किया गया है। जो कि सामान्य से चार डिग्री तक कम है। वहीं विभाग के अनुसार अगर आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश आती है तो अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मंडियों में भीगी गेहूं की बोरियां
मंडियों में स्थिति यह है कि अभी भी बहुत सी बोरियां खुले स्थान में दिखाई दी। इस कारण बारिश में यह भीग गई। इसके अलावा बहुत सी ऐसी बोरियां भी थी जो बारिश में भीगने के कारण पुट गई और आढ़तियों और किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा बोरियों में काफी समय तक गेहूं पड़ी रहने के कारण यह खराब भी होने लगी है। बहुत सी बोरियों को शेड के नीचे भी शिफ्ट किया है। उठान न होने के कारण मंडियों में इस तरह की स्थिति पैदा हो रही है। आंकड़ों की बात करें तो अंबाला की सभी मंडियों में से दो लाख से अधिक मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का कार्य किया गया जबकि एक लाख 70 हजार टन गेहूं का उठान ही अभी तक हो सकता है। अब करीब तीन लाख टन गेहूं का उठान होना अभी बाकी है।
अग्रसेन चौक, छोटा में जलभराव
शहर के अग्रसेन चौक, छोटा बाजार, सेक्टर 8, 9, 10 व अन्य कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो गई है। जलभराव होने के कारण सुबह के समय नौकरीपेशा लोगों को जाने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी। जिन्हें खड़े पानी में से होकर भी निकलना पड़ा। लोगों का भी कहना था कि अगर बेमौसमी बरसात में इस तरह की स्थिति बन रही है तो मानसून में तो जलभराव के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाएगा। वहीं रेलवे रोड, इंको चाैक के नीचे भी जलभराव की स्थिति दिखाई दी।
हमारी ओर से समय पर गेहूं उठान का कार्य किया जा रहा है और ऐसा कोई इक्का दुक्का मामला ही होगा। जिसमें बोरी फटी होगी। परंतु अभी तक मेरे ध्यान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
-वीपी मलिक, मैनेजर, हैफेड।