अंबाला कैंट। ट्विनसिटी में बुधवार को हुई 51 एमएम बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। बारिश से जहां सड़कें जलमग्न हो गईं वहीं दुकानों में भी पानी घुस गया। लोग प्रशासन की व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए।
शहर के खाली प्लॉटों में भी बारिश का पानी जमा हो गया। झमाझम बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं प्रशासन की अव्यवस्थाओं के कारण परेशानी भी हुई। सबसे बुरे हालात अंबाला सिटी में रहे, जबकि कैंट की कई कॉलोनियों में भी हालत पतली हो गई। लोगों के लिए सड़कों पर आवाजाही करना ही मुश्किल हो गया, जबकि कच्चे रास्तों पर कीचड़ की स्थिति बन गई। लगभग एक घंटे तक बारिश होती रही और लोग जहां थे, वहीं खड़े होकर इसके थमने का इंतजार करते रहे। सिटी की तस्वीरां वाली गली में तो स्कूटर भी पानी में डूब गया।
बारिश के चलते सिटी की जिला अदालत परिसर, डीसी आफिस परिसर, सिविल अस्पताल, अग्रसेन चौक, पॉलीटेक्निक चौक, जगाधरी गेट, नाहन हाउस, कुम्हार मोहल्ला, पुलिस लाइन, रामबाग रोड, कपड़ा मार्केट, बस स्टैंड, मानव चौक, दुर्गा नगर, रेलवे रोड, तस्वीरां वाली गली, शुक्लकुंड रोड, टीबी अस्पताल रोड, नदी मोहल्ला, कैंट का बस स्टैंड क्षेत्र, पुराना बर्फ खाना, रेलवे अंडरब्रिज, बीडी फ्लोर मिल के पीछे की कॉलोनियां, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कैपिटल चौक, इंदिरा मार्केट, बब्याल, महेश नगर में जबरदस्त जलभराव की स्थिति रही।
प्रशासन के दावों पर एक नजर
प्रशासन ने मानसून से पहले सभी नालों को साफ करने और पानी निकासी के पुख्ता बंदोबस्त करने का दावा किया था। इसके लिए अधिकारियों ने दौरे भी किए और दावा किया कि जलभराव या फिर बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है लेकिन बुधवार को हुई बारिश इन दावों को अपने साथ बहा ले गई।
विकास के दावों की पोल खुली : भाजपा
भाजपा जिला महामंत्री पवित्र सिंह बाजवा और एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि बरसात ने अंबाला शहर में हुए विकास कार्यों की पोल खोल कर रख दी। मात्र एक घंटे की बरसात ने शहर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी। शहर की सीवरेज व जल निकासी व्यवस्था बदहाल है। यदि और थोड़ी बारिश हो जाती, तो लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती।
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 72 घंटे में बादल छाए रहेंगे, जबकि बारिश होने की उम्मीद है। तापमान भी 30-32 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।