अंबाला। वार्ड 12 क्षेत्र निवासी लंबे समय से जलभराव की समस्या जस की तस है। पानी की निकासी न होने के कारण बारिश के दिनों में यहां बाढ़ जैसे हालत हो जाते हैं। वहीं गंदे पानी की निकासी के लिए नालियां न होना भी दूसरी बड़ी समस्या है। इसी प्रकार बिजली के खंभों पर झूलते तार भी हादसे का कारण बन सकती हैं।
ऐसा नहीं है कि इन समस्याओं को लेकर स्थानीय निवासियों द्वारा प्रयास नहीं किए गए। लोगों ने अंबाला प्रशासन सहित नगर परिषद में दर्जनों बार गुहार लगाई कि उनके क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। बावजूद इसके कोई भी विकास कार्य नहीं हुई। अब हालात ऐसे हैं कि स्थानीय निवासियों ने खाली प्लाटों को ही डंपिंग जोन बना दिया है और इसी में घर से निकले पानी को भी छोड़ा जा रहा है।
सुकुन के लिए आए थे यहां
अंबाला छावनी के डिफेंस कॉलोनी की तरह ही यहां आसपास के गांवों व सेना से सेवानिवृत होकर काफी लोग रह रहे हैं। बेशक उन्होंने सस्ते दामों पर प्लाट खरीदकर करोड़ों की लागत से कोठियां खड़ी कर लीं लेकिन सड़कों सहित बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें भी सुकुन नहीं मिल रहा। बारिश के दिनों में तो वार्ड 13 के अधिकतर क्षेत्र जलभराव के कारण एक छोटे टापू की तरह नजर आते हैं।
ये है वार्ड की आबादी
वार्ड नंबर 12 में कुल मतदाताओं की संख्या 5368 है। इसमें 2825 पुरुष मतदाता और 2543 के करीब महिला मतदाता हैं। इन सभी मतदाताओं का मुद्दा लंबित परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने के अथक प्रयास हैं। फिर चाहे इसमें सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को जीत मिले या निर्दलीय को।
वार्ड 12 के रिहायशी क्षेत्र
वार्ड 12 में 8 रिहायशी क्षेत्र हैं। इनमें खुड्डा खुर्द गांव के अलावा न्यू कॉलोनी, सलारहेड़ी गांव, पूजा विहार, सरसेहड़ी व अन्य कुछ हिस्से शामिल हैं। जहां आज भी मूलभूत सुविधाओं की काफी कमी है।
औद्योगिक क्षेत्र का पानी करता है मार
स्थानीय निवासी सुरजीत सिंह, गुरबचन सिंह, सुरजीत सैनी, गोपाल कृष्ण आदि ने बताया कि पूजा विहार का क्षेत्र सड़क से काफी नीचा है। औद्योगिक क्षेत्र को पानी की मार से बचाने के लिए बांध का निर्माण करवा दिया गया है। लेकिन अब औद्योगिक क्षेत्र का पानी उनके क्षेत्र में मार करता है और नीचा होने के कारण दूसरे क्षेत्र का पानी यहां आकर एकत्रित हो जाता है। इस पानी को आगे निकलने का कोई भी राह नहीं मिलता और न ही नप द्वारा कोई प्रबंध किया है।
वर्जन
पूजा विहार सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों में जलभराव की काफी गंभीर समस्या है। बारिश के दिनों में यहां हालात काफी खराब हो जाते हैं। इस समस्या के समाधान को लेकर योजना तैयार की जा रही है जोकि जल्द ही धरातल पर उतार दी जाएगी ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।