अंबाला। शंभू बॉर्डर पर किसानों का मोर्चा खाली कराने के दौरान पंजाब पुलिस ने किसान नेताओं को गिरफ्तार किया था। इनको बाद में पटियाला जेल भेज दिया था। अब गिरफ्तार किए कुछ किसानों को सोमवार रात्रि 12 बजे रिहा कर दिया।
इसमें अंबाला के कुल सात किसान थे जिन्हें शंभू बॉर्डर पर से गिरफ्तार किया था। इनमें से पांच किसानों को पंजाब प्रशासन ने छोड़ दिया है। जिनमें भारतीय किसान यूनियन से जय सिंह जलबेड़ा, कुलदीप सिंह, गुरमीत सिंह माजरी, बलकार सिंह और बलजीत सिंह शामिल रहें। हैरानी की बात है कि किसान नेता नवदीप जलबेहड़ा और नन्याैला के प्रवेश वर्मा को अभी तक पंजाब पुलिस ने नहीं छोड़ा है।
नवदीप जलबेड़ा पिछले और इस बार के किसान आंदोलन में काफी सक्रिय रहे हैं। नवदीप पर अंबाला पुलिस ने केस भी दर्ज किए हुए हैं व जमानत पर बाहर हैं। जिस समय शंभू बॉर्डर से किसानों के टेंट और ट्रालियों को पंजाब पुलिस प्रशासन हटा रहा था उस समय नवदीप भी वहीं थे। इसी कारण से पुलिस ने इन्हें भी पकड़ लिया।
पंजाब की ओर केंद्रित था किसानों का विरोध
शंभू बॉर्डर को खुलवाने के लिए अब किसान नेताओं का विरोध पंजाब की तरफ स्थानांतरित होता दिखाई दे रहा है। किसान 27 मार्च को पंजाब में सभी यूनियनों के साथ सद्भावना एकत्रता कार्यक्रम आयोजन होगा। इसमें किसानों का सहयोग करने के लिए किसान नेता धन्यवाद करेंगे। किसान नेता जय सिंह जलबेहड़ा और तेजवीर सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल के साथ वह खड़े हैं। 31 मार्च को पंजाब में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के घरों का घेराव किया जाएगा। वहीं नवदीप व अन्य किसान को रिहा न करने पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार दमनकारी नीति अपना रही है। किसान अपनी जायज मांगों को लेकर धरना दे रहे थे।