अंबाला सिटी। शहर के एसए जैन कॉलेज में हुआ मुख्यमंत्री मनोहर लाल का जनसंवाद कार्यक्रम कई दिनों से सुर्खियों में बना है। पहले नगर निगम के मनोनीत पार्षद और भाजपा नेता संदीप सचदेवा ने ही जनसंवाद कार्यक्रम में पार्षदों की अनदेखी का आरोप लगाया।
अब इस मुद्दे में नगर निगम के डिप्टी मेयर राजेश मेहता की भी एंट्री हो गई है। डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने भी जनचेतना व कांग्रेस पार्षदों को न बुलाने पर जनसंवाद कार्यक्रम को भाजपा पार्षद संवाद कार्यक्रम करार दिया।
राजेश मेहता ने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम में जनता को उनकी समस्याएं सुनने के लिए बुलाया गया था, मगर जनता की समस्याओं को एकत्रित कर लिया गया और भाजपा पार्षदों से मुख्यमंत्री ने संवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके एरिया से भी लोग बांध बनाने के लिए शिकायत लेकर गए थे, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
कुछ पेंशन लगाकर भी वाहवाही लूटने का काम किया गया। इन लोगों की पेंशन पहले क्यों नहीं लगाई गई। जानबूझकर इन लोगों को वहां बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम करना था तो मुख्यमंत्री, विधायक व भाजपा पार्षद एक बंद कमरे में बैठकर कर लेते। यह जनता को दिखावा करने के लिए कार्य किया। यही नहीं जनचेतना व कांग्रेस के पार्षदों को भी जनसंवाद कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। यह जनसंवाद नहीं, भाजपा पार्षद संवाद कार्यक्रम था।
राजेश मेहता ने विधायक असीम गोयल को सर्वश्रेष्ठ विधायक का खिताब देने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 9 वर्ष में शहर के लिए कोई विकास कार्य नहीं किया। आज अंबाला शहर बुरी स्थिति में है। दूसरी तरफ अंबाला छावनी में विकास कार्यों की झड़ी लगी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में और भी कई विधायक हैं, जिनको यह खिताब मिल सकता था। मेहता ने जनसंवाद कार्यक्रम में हुए पगड़ी घमासान पर कहा कि जब किसी सरकार की उल्टी गिनती शुरू होती है तो ऐसे आरोप-प्रत्यारोप सामने आते हैं। अब भाजपा के जाने का समय भी आ गया है।