करनाल। शहीद उधम सिंह चौक को मेरठ रोड से जोड़ने वाली सड़क का अधर में लटका प्रोजेक्ट नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही का नमूना है। 13 माह से अधिक समय बीत चुका है पर अभी तक महज 4.8 किलोमीटर सड़क नहीं बन पाई। यह हालात तब हैं जब शिलान्यास करने वाले विधायक जगमोहन आनंद देरी के लिए लोगों से कुछ माह पहले माफी मांग चुके हैं और उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा और निगमायुक्त सलोनी शर्मा निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी करने के साथ ही निगम अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। सड़क उखड़ी होने के कारण हादसे हो रहे हैं।
यह वही सड़क है, जिसका 28 जुलाई 2025 को विधायक जगमोहन आनंद और मेयर रेणू बाला गुप्ता ने शिलान्यास किया था। तीन माह में प्रोजेक्ट पूरा करने का अधिकारियों ने दावा किया गया लेकिन जनवरी माह तक भी निर्माण पूरा नहीं हुआ तो विधायक ने जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। 13 जून को उपायुक्त ने सड़क निर्माण कार्य का दौरा करके जिम्मेदारों को फटकार लगाई और एक माह में निर्माण पूरा करने की चेतावनी दी थी लेकिन अभी तक काम अधर में हैं।
सड़क को शहर की मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने की योजना है। इस मार्ग के दोनों तरफ करीब आठ सेक्टर और 15 से ज्यादा कॉलोनियां लगती हैं, जिनकी 70 हजार से ज्यादा आबादी और रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मेयर का कहना है कि मानसून के कारण अब काम रुका है। इसे तेजी से पूरा कराया जाएगा। एजेंसी की लापरवाही के कारण देरी हुई है।
साइकिल ट्रैक और सैर-सपाटे की मिलनी है सुविधा
स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करने के लिए वाहन चालकों और पद यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। 11.50 करोड़ में से 7.90 करोड़ रुपये सड़क की मजबूत लेयर बिछाने में खर्च होंगे। अलग से साइकिल ट्रैक तैयार होगा और हरियाली की जाएगी। चार चौराहों को सुंदर बनाया जाएगा। मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से रोड फर्नीचर के कार्य भी होंगे। लोगों के बैठने के अलावा फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, सेंट्रल वर्ज, पेड़-पौधे, लैंड स्केपिंग, थर्मोप्लास्टिक पेंट, जेब्रा क्रॉसिंग, पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाने जैसे कार्य भी होंगे।
कांग्रेस ने प्रदर्शन कर गुणवत्ता पर उठाए सवाल
करनाल। उधम सिंह चौक से मेरठ रोड तक निर्माणाधीन सड़क के अटके काम को लेकर शहरी कांग्रेस ने वीरवार को साईं मंदिर के सामने प्रदर्शन किया। शहरी अध्यक्ष पराग गाबा ने देरी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके कारण हादसे हो रहे हैं, कारोबार प्रभावित है। केवल एक सड़क का मामला नहीं है, बल्कि लोगों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उनका आरोप है कि सड़क के कारण तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। सड़क का कुछ हिस्सा उखड़ने पर उन्होंने गुणवत्ता पर सवाल उठाए और भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।