जम्मू कश्मीर के नौशहरा सेक्टर में तैनात क्षेत्र के गांव बधौली निवासी जवान का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव लाया गया, जहां पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। मौत का कारणों का तो फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है लेकिन साथ आए अधिकारियों का कहना था कि आफताब को ड्यूटी के दौरान हुई तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनकी रविवार की सुबह मौत हो गई। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
गांव बधौली वासी आफताब पठान पुत्र तोफैल अहमद सेना में एओसी में बतौर नायक थे और इन दिनों जम्मू कश्मीर की नौशहरा राजौरी सेक्टर में उनकी ड्यूटी थी। रविवार को दोपहर उनके परिजनों को राजौरी से फोन आया कि आफताब की मृत्यु हो चुकी है और उनका पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव में भेजा जाएगा। सोमवार की दोपहर लगभग एक बजे आफताब पठान का पार्थिव शरीर बधौली लाया गया। पार्थिव शरीर के साथ सेना की टुकड़ी व एओसी के अधिकारी भी थे। आफताब की मौत की खबर लगते ही क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण बधौली में जुट गए और नम आंखों से आफताब का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान उन्हें गांव में स्थित श्मशान घाट में पूरे सैनिक सम्मान के साथ सुपुर्दे खाक किया गया। अंतिम यात्रा में शामिल आफताब के सैनिक भाई महताब ने भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस अवसर पर सेना के अधिकारी, सैनिक बोर्ड अंबाला के सचिव विरेंद्र मोहन शर्मा और थाना प्रबंधक नारायणगढ़ मौजूद रहे।
आफताब पठान के पिता तोफैल अहमद भी सेना में रह चुके हैं और उन्होंने 27 साल तक सेना में देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी है। पठान के बड़े भाई महताब भी इन दिनों सेना में है और उनकी तैनाती झांसी में है। आफताब एक पखवाड़े पूर्व ही गांव में अपनी छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर गए थे। आफताब अपनी पत्नी परवीन बानों के साथ-साथ एक बेटी व बेटा छोड़ गए हैं।