बैठक में मौजूद मेयर व नगर निगम के अधिकारी। संवाद
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भारी बारिश के कारण गत दिवस अंबाला पानी-पानी हो गया था, जिसको लेकर मेयर शक्ति रानी शर्मा ने सफाई व्यवस्था से नाराज होकर वीरवार को खास बैठक बुलाई। जिसमें नगर निगम आयुक्त से लेकर सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सबसे पहले मेयर ने निगम आयुक्त धीरेंद्र खडगटा को शहर में डूबे 27 जगहों की सूची थमा दी। इस दौरान मेयर ने निगम के सफाई के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि मैंने चार महीने पहले ही आगाह किया था। उसके बाद भी शहर पानी-पानी होना बेहद शर्मनाक है। मुख्य सफाई निरीक्षक से लेकर एक्सईएन ने शहर में सभी नालों की सही से सफाई का दावा फोटो सहित पेश किया। इस बात पर पलटवार करते हुए मेयर ने कहा कि केवल फोटो खींच कर ही खानापूर्ति की जा रही है।
मेयर की बात का समर्थन करते हुए निगम आयुक्त ने पुराना सेशन कोर्ट से लेकर ग्लैक्सी मॉल तक के एरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि मैडम सही कह रही हैं। इस दौरान जब निगम आयुक्त ने मेयर द्वारा दी गई सूची के अलावा जलभराव से प्रभावित अन्य क्षेत्रों की सूची अपने अधिकारियों से मांगी तो सभी ने शहरभर के करीब 30 क्षेत्रों की सूची थमा दी। सूची मिलते ही निगम आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जब आपको वास्तविक स्थिति पता है तो फिर उस पर काम क्यों नहीं हुआ।
इस बात पर अधिकारियों ने नालों पर किए गए अतिक्रमण का हवाला देकर पल्ला झाड़ना चाहा। इस बात पर निगम आयुक्त ने सख्त लहजे में शहर को जलभराव मुक्त करने के लिए पानी निकासी के लिए मुसीबत बने सभी अवरोधकों को तोड़ने के आदेश दे दिए। इस दौरान निगम आयुक्त धीरेंद्र खडगटा ने नालों की सही से सफाई न करने को लेकर ठेकेदार पर जुर्माना लगाने की भी बात कही।
नालों से निकाले गए सड़क पर पड़े कूड़े को उठाते निगम कर्मचारी। संवाद- फोटो : Ambala