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Ambala News: उपमंडल कार्यालय में डेढ़ साल से बंद कैंटीन का खुलेगा ताला

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अंबाला। छावनी के उपमंडल भवन में डे़ढ साल से बंद पड़ी रेडक्रॉस की कैंटीन जल्द खुलेगी। पिछले लंबे समय से रेडक्राॅस और कैंटीन के पुराने ठेकेदार के बीच विवाद चल रहा था। जो पिछले डेढ़ साल से उलझता ही जा रहा था। लेकिन अब इस कैंटीन की खुली बोली हो चुकी है। कैंटीन का एक साल का किराया पांच लाख 80 हजार रुपये है।
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इसके साथ ही पार्किंग की भी बोली हो चुकी है। पार्किंग का एक साल का ठेका पांच लाख 60 हजार रुपये है। पार्किंग का ठेका भी पिछले लंब से नहीं हुआ था लेकिन रेडक्रॉस के कर्मचारी पार्किंग को चला रहे थे। इस कैंटीन के खुलने से छावनी के उपमंडल भवन में 15 से अधिक कार्यालयों के कर्मचारियों व अपने कार्य से आने वाले लोगों को सहूलियत मिलेगी। यहां स्टेट लाइब्रेरी भी है, ऐसे में विद्यार्थी भी कैंटीन का फायदा उठा सकते हैं।
यह था विवाद
दरअसल कैंटीन के पूर्व ठेकेदार आरोप था कि कोरोना काल के दौरान प्रशासन उससे लोगों की मदद के लिए भोजन बनवाया था। इस कार्य का प्रशासन ने भुगतान नहीं किया।
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जब उन्हें प्रशासन से भुगतान नहीं मिला तो उन्होंने कैंटीन का किराया रोक लिया। इसी मामले को लेकर ठेकेदार से रेडक्रॉस ने कैंटीन वापस ले ली और अपने ताले लगा दिए। तब से यह कैंटीन बंद पड़ी थी। कैंटीन को लेकर अब डेढ़ वर्ष बाद मार्च के अंतिम सप्ताह में अंबाला शहर के उपायुक्त कार्यालय परिसर में नाजर के समक्ष छावनी उपमंडल भवन की बंद पड़ी कैंटीन और पार्किंग की खुली बोली हुई थी। इस बोली में छावनी की रामकिशन काॅलोनी निवासी पदम कुमार ने कैंटीन का एक साल का 5 लाख 80 हजार रुपये में अपने नाम की। इसी तरह से दविंदर कुमार ने पार्किंग का ठेका 5 लाख 60 हजार रुपये में लिया।
वर्जन
छावनी उपमंडल भवन में कैंटीन और पार्किंग की खुली बोली हो चुकी है। कैंटीन का एक साल का किराया पांच लाख 80 हजार रुपये और पार्किंग का किराया पांच लाख 60 हजार रुपये है। जल्द ही कैंटीन खुल जाएगी।
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जिला रेडक्रॉस सचिव, अंबाला।
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