बराड़ा के वार्ड नंबर चार और 15 में गदंगी का आलम। संवाद
बराड़ा। नगरपालिका के सबका साथ, सबका विकास के दावों की हवा वार्ड 4 और 15 में निकलती दिख रही है। यहां की बदहाल तस्वीर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, सड़कें खस्ताहाल हैं और शाम होते ही गलियों में अंधेरा छा जाता है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाले महीने में एक या दो बार ही मोहल्ले में दर्शन देते हैं। मूलभूत सुविधाओं के इस अभाव ने वार्डवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है, उनका आरोप है कि उनके साथ प्रशासन सौतेला व्यवहार कर रहा है।
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विकास के नाम पर फांक रहे धूल
मौके पर स्थिति का जायजा लेने पर निवासियों का गुस्सा वाजिब नजर आता है। वार्ड में निकासी व्यवस्था ठप होने से नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। बुजुर्गों के लिए बैठने को बैंच तक नहीं हैं और खराब स्ट्रीट लाइटों की सुध लेने वाला कोई नहीं। स्थानीय निवासी रजत, नरेश, मुकदी, परवीन, पवन और गगन ने बताया कि अन्य वार्डों में जहां नियमित काम हो रहा है, वहीं उनके वार्ड की फाइलों पर धूल जमी है और वो विकास के नाम पर धूल फांक रहे हैं। बार-बार लिखित शिकायतों के बावजूद सुनवाई न होने पर अब निवासियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो वे सड़कों पर उतरकर नगरपालिका के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
अफसर की दलील : संसाधन पूरे, टोल फ्री पर करें शिकायत
दूसरी ओर नगरपालिका सचिव मोहित सैनी ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि भेदभाव जैसा कुछ नहीं है। हर वार्ड के पार्षद को एक-एक सफाई कर्मचारी दिया गया है। वर्तमान में कमेटी के पास ठेकेदार के 31 और दैनिक वेतन पर 5 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। सचिव ने कहा कि यदि कहीं समस्या है, तो निवासी टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, इसका समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
बराड़ा के वार्ड नंबर चार और 15 में गदंगी का आलम। संवाद