अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की कुछ बड़ी परियोजनाओं को इस साल भी शुरुआत नहीं मिल सकी। इसमें शहर में 47 करोड़ की लागत से बनने वाले 100 बेड का अस्पताल और लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला टीबी का अस्पताल प्रमुख रहा।
नारायणगढ़ में तीन मंजिला अस्पताल के लिए भी सालभर माथापच्ची देखने को मिली। आखिरकार इस साल के अंत में स्वास्थ्य विभाग ने सरकार के दखल के बाद अस्पताल के पहले तल को तैयार कर शुरू कर दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के नजरिए देखें तो इस साल नवजातों और गर्भवतियों के लिए सुविधाओं में इजाफा हुआ है।
अब नवजातों को अस्पताल में सही व अत्याधुनिक मशीनों से उपचार और माताओं को बच्चों के स्पर्श के साथ रखा जा रहा है। जिससे कि शिशु मृत्युदर काे कम किया जा कसे। इसके साथ ही गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू की सुविधा देकर उनकी जान बचाई जा रही है। हालांकि इस साल उम्मीद थी कि विभाग अपने स्टाफ की कमी को पूरा करेगा, मगर वर्ष भर विभाग को इस किल्लत से जूझना पड़ा। अब नए वर्ष में विभाग स्टॉफ की भर्ती पर जोर देगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले को ये दी सुविधाएं
अंबाला में हाल ही में आईसीयू शुरू कराए हैं। छावनी और सिटी के नागरिक अस्पताल में आईसीयू शुरू होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर कम करना पड़ेगा। इसके साथ ही जहां पहले मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई या फिर चंडीगढ़ के नागरिक अस्पताल में भेजा जाता था।अब उन मरीजों को अंबाला में ही उपचार दिया जा रहा है। अंबाला सिटी और छावनी में 10- 10 बेड की व्यवस्था दी गई हैं। फिलहाल यहां पर ट्रायल के तौर पर सुविधा चलाई जा रही है। जिसमें मरीजाें से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
नवजातों की सुविधाओं में किया सुधार
सिटी नागरिक अस्पताल में नवजातों के लिए विशेष एमएसएनसीयू वार्ड शुरू किया गया है। इससे नवजातों को बेहतर उपचार मिलना शुरू हो गया है। यहां पर बच्चे के साथ माता को भी रखा जाता है। बीते माह ही अस्पताल में एलएमयू यूनिट भी शुरू की गई है। जिसमें कमजोर नवजातों के लिए मा का दूध स्टोर करने की सुविधा होगी। जिससे नवजात मृत्यु दर को कम किया जा सके। इसके साथ ही सिटी नागरिक अस्पताल में बच्चों के लिए एचडीयू यूनिट भी बनाई गई है। यहां पर गंभीर रूप से बीमार बच्चों को उपचार दिया जाता है। सिटी नागरिक अस्पताल में मरीजों को सस्ते दामों पर दवा उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र शुरू किया गया है। यहां पर मरीजों को छूट के साथ दवाएं बेची जाएंगी।
नारायणगढ़ अस्पताल में सुधर रही सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग के एसीएस के दौरे के बाद नारायणगढ़ के नागरिक अस्पताल में सुविधाओं को सुधारने का काम किया जा रहा है। एसीएस के दौरे के बाद यहां पर प्रसव सर्जरी करवाने के लिए वर्कस्टेशन मशीन भेजी गई है। इससे तीन वर्ष बाद यहां पर सर्जरी होना शुरू हुई। इससे पहले गर्भवतियों को अंबाला छावनी और सिटी के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इसके साथ ही यहां पर ब्लड स्टोर यूनिट शुरू कराई है। इससे मरीजों को खून लेने के लिए भी परेशानी नहीं होगी। एसीएस के निर्देशों पर यहां पर पांच चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। वहीं सिटी के नागरिक अस्पताल की ओर से भी सर्जन लगाए गए हैं। जो सप्ताह में तीन से चार दिन अपनी सेवाएं देंगे। अस्पताल के लिए बन रहे नए भवन को भी 28 फरवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां पर भी सिटी और छावनी की तरह सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। नारायणगढ़ अस्पताल में रोजाना करीब 900 से 1000 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं।
आयुष्मान भी बना सहारा
जिले में आयुष्मान भारत के तहत छह लाख से अधिक लोग अपना उपचार करवा रहे हैं। अभी तक विभाग 100 करोड़ रुपए से अधिक का उपचार लोगों को दे चुका हैं। अब सेवानिवृत हुए कर्मचारियों के लिए भी कैशलेस उपचार की सुविधा शुरू हो गई है।
इनमें पिछड़ रहा स्वास्थ्य विभाग
पूर्व मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी सिटी में बनने वाला 100 बेड का अस्पताल शुरू नहीं हुआ है। जबकि इसे बीते वर्ष तक पूरा किया जाना था।
- जिला अंबाला में एंबुलेंस सेवा सबसे अधिक प्रभावित हैं। यहां पर कुल 27 एंबुलेंस हैं जो खस्ता हाल में ही चल रही हैं।
- सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में अभी तक मरीजों को भर्ती करने के लिए सुविधाएं नहीं मिली है।
- जिला अंबाला में 100 से अधिक चिकित्सकों की कमी है। जिससे सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
- विभिन्न पीएचसी पर एक्स रे की सुविधाएं भी दुरूस्त नहीं है। कहीं पर मशीन नहीं है तो कहीं पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं है।
- टीबी अस्पताल का निर्माण कार्य इस वर्ष तक पूरा होने की उम्मीद थी। अब अगले वर्ष तक कार्य पूरा हो जाएगा।
- ईको करने के लिए नई मशीन नहीं मिली है। इसलिए अल्ट्रासाउंड मशीन से ही ईको जांच करवाई जा रही है।
- सिटी नागरिक अस्पताल में फॉर्मासिस्ट की कमी के कारण दवा वितरण के कार्य को छात्राओं से ही करवाया जाता है।
नागरिक अस्पताल में बना एमएसएनसीयू वार्ड। संवाद
नागरिक अस्पताल में बना एमएसएनसीयू वार्ड। संवाद
नागरिक अस्पताल में बना एमएसएनसीयू वार्ड। संवाद