अंबाला। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए चुनाव के नतीजों पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की पीठ ने शुक्रवार को शैफाली नागल की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता ने एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी।
अदालत ने अपने आदेश में लिखा है कि इस मामले में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि जिला रजिस्ट्रार ने बेहद जल्दबाजी में और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए अपना आदेश पारित किया, जिसने याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने के अधिकार से वंचित कर दिया। कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आयोजित की जा सकती है, लेकिन इसके परिणाम अभी घोषित नहीं किए जाएंगे। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राज्य सरकार के वकील ने नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी ।
क्या है पूरा मामला
याचिकाकर्ता शैफाली नागल के वकील ने अदालत में दलील दी कि हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के प्रशासक (छठे प्रतिवादी) ने मौजूदा सदस्यों को बिना बताए नियमों (बाय-लॉज) में मनमाने ढंग से बदलाव कर दिया। इस बदलाव के कारण याचिकाकर्ता सहित कई पुराने सदस्यों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद, 13 जून 2026 को एसोसिएशन की गवर्निंग बॉडी के चुनावों के शेड्यूल की घोषणा कर दी गई।
जिला रजिस्ट्रार की कार्रवाई पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता ने इस चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को अवैध घोषित करने के लिए जिला रजिस्ट्रार के पास गुहार लगाई थी। जिला रजिस्ट्रार ने पहले तो जनहित में चुनाव प्रक्रिया पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी थी और प्रतिवादी से जवाब मांगा था। लेकिन इसके बाद बेहद जल्दबाजी दिखाई गई। आरोप है कि प्रतिवादी को जवाब देने के लिए मात्र अगले दिन दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया। याचिकाकर्ता को प्रतिवादी का जवाब 1 जुलाई को दोपहर 2:40 बजे ईमेल से मिला। याचिकाकर्ता ने तुरंत (2:57 बजे) ईमेल भेजकर कहा कि 20 मिनट में जवाब देना संभव नहीं है और अध्ययन के लिए उचित समय दिया जाए। इस अनुरोध को दरकिनार करते हुए जिला रजिस्ट्रार ने उसी दिन (1 जुलाई) आनन-फानन में याचिका को खारिज कर दिया। संवाद
कोट..
अभी इस मामले में हमें हाईकोर्ट का निर्णय प्राप्त नहीं हुआ है। निर्णय प्राप्त होने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। अन्य आरोपों पर प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष साक्षा करेंगे।
-एचएस भल्ला, पूर्व न्यायमूर्ति व प्रशासक, हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन