अंबाला। कला की धारा हमेशा बहती रहनी चाहिए, सामाजिक बुराइयों को दर्शाने के लिए नाटक सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ओपन एयर थियेटर में कलाधारा ग्रुप की ओर से नाटक पुतला के मंचन के उपरांत बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कलाकारों की ओर से अच्छा नाटक प्रस्तुत किया है। नाटक का थीम बेहतर है, इसे रामायण से जोड़ा गया, नाटक में दिखाया कि पुराने सिस्टम में सभी ताकतवर लोगों के पुतले हैं, मगर वास्तव में दूसरों को पुतला समझने वाले भी पुतले होते हैं। कैबिनेट मंत्री ने अपने स्वैच्छिक कोष से पांच लाख रुपये कलाधारा ग्रुप को देने की घोषणा की। उन्होंने कहा सुभाष पार्क के ओपन एयर थियेटर में अच्छा साउंड सिस्टम लगाने के लिए जितनी राशि खर्च होगी वह देंगे।
वह चाहते हैं कि कोई भी संस्कृति कार्यक्रम ओपन थियेटर में हो तो आयोजक को बाहर से साउंड सिस्टम न लाना पड़े। विज ने यह भी कहा कि ओपन थियेटर की दर्शक दीर्घा में वीआईपी के लिए सोफे न लगाया जाए और जो भी वीआईपी आता है, उसे दर्शक दीर्घा में ही बिठाया जाए ताकि उन्हें नाटक व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का पूरा आनंद आए और सभी एक साथ बैठकर कार्यक्रम देखें। उन्होंने कहा कि ऐसा ही ओपन एयर थियेटर शहीदी स्मारक में बन रहा है जोकि दो हजार लोगों की क्षमता का है। इसमें प्रतिदिन लाइट, साउंड व लेजर शो को कमल के फूल पर दिखाया जाएगा।
टीवी ने सब कुछ बदल दिया
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि पहले लोगों तक अपनी बातें पहुंचाने का नाटक ही माध्यम था और बहुत बड़ी संख्या में लोग इसे देखते थे। लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का यही माध्यम था, इसके माध्यम से सामाजिक कुरीतियां व बुराइयों को दिखाया जाता था। मगर बदलते दौर में टीवी ने सब कुछ बदल दिया और हम इसमें ही अब खोकर रह गए हैं। पहले हम बाहर खेलते, चौपालों पर बैठ बातें करते थे। मगर अब सबकुछ सिमट गया है। अब कहीं पतंगें नहीं उड़ती और गुल्ली डंडा नहीं खेला जाता। आज लोग शाम को घर आकर टीवी लगाकर बैठ जाते हैं। सामाजिक सरोकार खत्म होते जा रहे हैं।