अंबाला। दो साल पहले वर्ष 2023 में आई बाढ़ के जख्म एक बार फिर हरे हो गए हैं। शुक्रवार को नदी के पानी से कॉलोनियों में बने बाढ़ के हालात के बाद लोगों का करोड़ो रुपयों का सामान खराब हो गया है।
इस कारण उनमें सरकार व प्रशासन के प्रति रोष है कि अब भी उन्हें मुआवजे की कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि पिछली बार फार्म भरने के बाद भी एक फूटी कौड़ी नहीं मिली, जबकि एक हजार से अधिक लोगों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया था।
मात्र वोट लेने तक संबंध : स्थानीय लोगों ने बताया कि उनका नेताओं से संबंध मात्र वोट तक है, इसके बाद न तो वो नजर आते हैं और न उनके जनप्रतिनिधि। बाढ़ के दिन कई पार्षद और प्रशासनिक अधिकारी यहां घूम रहे थे, लेकिन अब जब घरों और गलियों से गाद निकाली जानी है तो न पार्षद नजर आ रहे हैं और न ही प्रशासनिक अधिकारी। खुद ही लोगों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।
अंबाला छावनी के टांगरी बांध क्षेत्र के विश्वकर्मा नगर में बाढ़ के कारण खराब हुए सोफे। संवाद
अंबाला छावनी के टांगरी बांध क्षेत्र के विश्वकर्मा नगर में बाढ़ के कारण खराब हुए सोफे। संवाद