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ठंड की पहली बारिश और ओले ने बढ़ाईं मुसीबतें

Mon, 26 Dec 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अंबाला/अमर उजाला
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कॉलोनियों की सड़कों पर पानी, बाजारों में जलभराव की स्थिति - फोटो : अमर उजाला
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यहां रविवार को सर्दियों के मौसम की पहली बारिश और ओलों ने जहां ठंड बढ़ा दी, वहीं कॉलोनियों की सड़कों और बाजारों में जलभराव की स्थिति देखी गई। दिनभर लोग दुकानों के आगे जमा पानी को निकालने में लगे रहे, जबकि सड़कों पर कई घंटे तक पानी भरा रहा। इससे लोगों की मुसीबतें बनी रहीं। दूसरी ओर मौसम विभाग का भी अनुमान है कि अब ठंड बढ़ेगी, जबकि बूंदाबांदी भी हो सकती है।
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0.6 एमएम बारिश फिर भी जल निकासी नहीं
मौसम विभाग के अनुसार अंबाला में 0.6 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, लेकिन इतनी बारिश में ही लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई। रविवार को आई बारिश के कारण कैंट की हाउसिंग बोर्ड कालोनी, गांधी मार्केट के पास, मोटर मार्केट कैंट, गोविंद नगर, सुभाष कॉलोनी, राय मार्केट, सेवा समिति के पास रेलवे अंडरपास, सिटी के प्रेम नगर, मॉडल टाउन, नहर कॉलोनी, नाहन हाउस, पटेल रोड, जगाधरी गेट पुलिया के पास जलभराव रहा। कई घंटों तक पानी की निकासी नहीं हो पाई, जिसके कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हुई। इसी तरह ट्विन सिटी की कई सड़कों पर कीचड़ रहा। इससे लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कतें हुईं।

चेताया था गली के लेवल को लेकर
कैंट की हाउसिंग बोर्ड कालोनी के लोगों ने एक गली निर्माण के दौरान चेताया था कि इसका लेवल सही नहीं है। इसके कारण बारिशों में परेशानी होगी। रविवार को हुई बारिश में यही आशंका सही साबित हुई। स्थानीय निवासी विनोद गोयल ने बताया कि जिस वक्त गली का निर्माण शुरू हुआ था, उसी समय बताया गया था कि इसकी ढलान सही नहीं है और बारिशों में दिक्कत होगी। अब बारिश के बाद पानी जमा है और इसकी निकासी नहीं हो रही है।
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बराड़ा में बारिश के साथ ओले
रविवार को बराड़ा में जहां जबरदस्त बारिश हुई, वहीं ओले भी पड़े। निचले इलाकों में पानी जमा हो गया, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। गांव तंदवाल, अधोया आदि कई स्थानों पर ओले पड़े। रविवार को हुई बारिश के कारण जहां लोग अपने घरों में ही दुबके रहे, वहीं ओले भी पड़े। हालांकि लोगों का मानना है कि अभी तक ठंड ने असर नहीं दिखाया था, जबकि अब ठंड झेलने के लिए तैयार रहना होगा। ओले पड़ने से भी तापमान गिरेगा, जबकि ठंड व सुबह के समय धुंध भी बढ़ेगी।

यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले आशीष गुप्ता, किशन कुमार, कैलाश, दीपक, अशोक कुमार, रामसिंह, सिटी के अमित कुमार, जगजीत सिंह, हरजीत वालिया, रोहित गुप्ता का कहते हैं कि हल्की बारिश हो या भारी बारिश, मुसीबतें तो झेलनी पड़ेगी। पानी की निकासी का प्रशासन के पास कोई बंदोबस्त नहीं है, जबकि चाहे अधिकारी व नेता दौरे कर लें, योजना बना लें, कुछ होने वाला नहीं है। कंकरीट से विकास हो रहा है, लेकिन समस्याएं आज भी जस की तस हैं।

किसानों के चेहरे खिले
सर्दियों की इस बारिश ने गेहूं उत्पादकों के चेहरे खिला दिए हैं। काफी समय से तापमान कम न होने के कारण किसानों का मानना था कि इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ेगा, लेकिन बारिश होने के बाद ठंड बढ़ेगी। इससे गेहूं के उत्पादन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। किसानों में मेजर सिंह, श्याम सिंह, कुलराज, करनैल सिंह, मंजीत, पालाराम, हरपाल, किशन, कृपाल ने बताया कि यह बरसात गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। अबकी बार ठंड नहीं पड़ रही थी। इसके चलते गेहूं के उत्पादन पर इसका असर पड़ना लाजमी था। प्राकृतिक ठंड और धुंध की जरूरत गेहूं की फसल के लिए अति जरूरी होती है। दिसंबर माह में लगातार तापमान बढ़ने से किसानों को रबी की फसल को लेकर चिंता सताने लगी थी, लेकिन रविवार सुबह क्षेत्र में हई हल्की ओलावृष्टि के साथ वर्षा जब तापमान में गिरावट आई और ठिठुरन बढ़ी तो किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है।

31 दिसंबर तक रहेगा मिलाजुला मौसम
मौसम विभाग की मानें, तो 31 दिसंबर तक मिलाजुला मौसम देखने को मिलेगा। आने वाले चार दिनों में धुंध भरा मौसम रहेगा, जबकि दिन के समय आसमान साफ रह सकता है और धूप निकलेगी। इसी तरह 30 और 31 दिसंबर को बादल छाने की उम्मीद है, जबकि बूंदाबांदी हो सकती है। बीच-बीच में आसमान साफ हो सकता है। इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
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