संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। सरकार की और से पोस्ट कोविड लोगों को बेहतर उपचार देने व उनके मन में पैदा हो रहे भय को दूर करने के लिए नागरिक अस्पताल में उमंग केंद्र खोला गया है। इस केंद्र में आठ विशेषज्ञ डॉक्टर कोरोना से ठीक हो चुके लोगों के जीवन में खुशियों के रंग घोलने की कोशिश कर रहे हैं। कोरोना को मात देकर लौट रहे लोगों के जहन से दूर हो रही सकारात्मक सोच को फिर से विकसित करने के प्रयास में जुटे हैं।
दरअसल आजकल कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में फैल रहे ब्लैक फंगस को लेकर मन में तरह-तरह से सवाल उभर रहे हैं। यही नहीं लोग अब जब कोरोना को मात देकर स्वस्थ होकर घर तो लौट चुके हैं। लेकिन पोस्ट कोविड लोगों के मन में एक बात घर कर रही है कि कहीं हम भी ब्लैक फंगस या किसी और बीमारी के शिकार न बन जाएं। लोगों के इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए नागरिक अस्पताल में उमंग केंद्र स्थापित किया गया है। यहां बैठे विशेषज्ञ डॉक्टर न सिर्फ उनको बेहतर परामर्श दे रहे हैं, बल्कि लोगों को पूरी तरह ठीक होने तक दवाइयां चालू रखने के लिए भी कह रहे हैं। सोमवार से शुरू हुए उमंग केंद्र में अभी तक करीब 70 लोग सलाह लेने आ चुके हैं। जिनमें से अधिकतर लोगों के सवाल ब्लैक फंगस को लेकर ही रहे। उमंग सेंटर पर आने वाले डॉक्टरों से मरीज दवा के बारे में भी जानकारी लेते हैं। इनके जवाब में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि बिना डॉक्टर की अनुमति और सलाह के कोई भी दवा ऐसी स्थिति में नहीं लेनी। इनसे साइड इफेक्ट होने का डर बना रहता है।
उमंग केंद्र की यह डॉक्टर संभाल रहे कमान
उमंग केंद्र में सबसे अहम भूमिका अदा कर रहे हैं मनोचिकित्सक डॉ. केएस राणा। उमंग केंद्र में आ रहे ज्यादातर लोगों के दिमाग से निगेटिवविटी जाने का नाम नहीं ले रही है। डॉ. राणा काउंसलिंग कर रोगी को राहत दे रहे हैं। फिजिशियन डॉक्टर अशोक शर्मा, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. वीके पांडे, आयुष विभाग से डॉ. मीनाक्षी, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनंदा जिंदल, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश सैनी, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश गोयल, सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक पोस्ट कोविड लोगों को परामर्श देते हुए जरूरी दवाएं भी लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।