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किसानों को उठाने पहुंचा जिला प्रशासन लौटा बैरंग

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अंबाला। गांव नग्गल खोजकीपुर में बैंक बिल्डिंग गिराने को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भारी पुलिस बल मंगलवार को खोजकीपुर पहुंचा और वहां पिछले आठ दिन से धरने पर बैठे किसानों को उठाने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों के जमा होने से पहले ही भारतीय किसान चढूनी ग्रुप सहित शहीदी भक्त ग्रुप आदि से जुड़े किसान भी बैंक कर्मचारियों सहित ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे।
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प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष ही किसानों ने नारेबाजी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना दे रहे किसानों के प्रतिनिधित्व मंडल से कमरे में बैठकर बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद जिला प्रशासन लौट गया। खोजकीपुर पैक्स संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि 17 जून को कोर्ट में सुनवाई है, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। दरअसल, खोजकीपुर पैक्स संघर्ष समिति व भाकियू किसान यूनियन ने आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। कमेटी ने कोर्ट का रुख अपनाने के साथ-साथ प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम शिकायत भी भेजी थी। महेश नगर थाना प्रभारी सुरेश का कहना था कि उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लॉयन ऑर्डर मेंटेन करने के लिए वह मौके पर गए थे।
खाली जगह दिखा स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर की जमीन
प्रबंधक कमेटी के वाइस चेयरमैन अवतार सिंह ने बताया कि नगर परिषद ने करधान रोड स्थित गांव नग्गल चार एकड़ 11 मरले जमीन स्वास्थ्य विभाग को करीब दो करोड़ रुपये में ट्रांसफर कर दी। इस जमीन की कीमत 15 से 20 करोड़ रुपये है। प्रशासन ने कागजों में इस जमीन को खाली दिखाया गया है, जबकि यहां कम्युनिटी सेंटर और सोसायटी बैंक बना हुआ है।
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