अंबाला। लिंगानुपात को सुधारने व अवैध गर्भपात को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब एक मास्टर प्लान के तहत काम कर रहा है। प्रदेशभर में प्रजनन बाल स्वास्थ्य यानी आरसीएच आईडी के जरिये 12 सप्ताह से ऊपर गर्भपात करवाने वाली महिलाओं का डाटा जुटाया जा रहा है। चाहे वह प्राइवेट हो या फिर नागरिक अस्पताल का। इस डाटा को जिला स्तर पर भेजकर सभी केसों को ट्रैक करवाया जाएगा। पता लगाया जाएगा कि आखिर जो गर्भपात हुआ है उसके पीछे का क्या कारण रहा। अगर कोई सही पाया जाता है तो ठीक है। लेकिन जांच में कोई गर्भपात गलत मिला तो विभाग उसकी जांच करेगा। पता लगाएगा कि आखिर वो अल्ट्रासाउंड किस सेंटर और किस अस्पताल में हुआ है। बाद में उस पर शिकंजा कसा जाएगा।
जिलास्तर पर पीएनडीटी टीम के पास गर्भपात का पूरा डाटा दिया जाएगा। उसके बाद ब्लॉक स्तर पर एसएमओ की ड्यूटियां लगाई जाएगी। जो संबंधित क्षेत्र की आशा वर्कर व एएनएम के जरिये संबंधित केस को ट्रैक करेगा। इसका मकसद यह है कि विभाग को पता रहेगा कि आखिर जो गर्भपात हो रहे हैं वो ठीक है या कुछ गड़बड़ी है। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र के साथ-साथ संबंधित अस्पताल पर भी शिकंजा कसा जाएगा। यह निर्देश प्रदेशभर की पीएनडीटी टीम को इस सप्ताह चंडीगढ़ मुख्यालय में हुई मीटिंग में एसीएस द्वारा निर्देश दिए गए है। इस मीटिंंग में अंबाला की टीम भी शामिल थी। संवाद
इन केसों को मिलेगी छूट
- गर्भ में बच्चा मृत हो गया
- धड़कन में दिक्कत आ रही है
- डॉक्टर की सलाह पर गर्भपात हुआ
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झोलाछाप डॉक्टरों के लिए दो टीमें जल्द देंगे दबिश
पीएनडीटी टीम जल्द ही गलत ढंग से प्रेक्टिस करने वाले बीएमएस डॉक्टरों व झोलाछाप पर भी शिकंजा कसने जा रहा है। दो टीमें गठित कर जिलाभर में यह चैकिंग अभियान चलाया जाएगा। साथ ही अस्पतालों में बिना प्रजनन बाल स्वास्थ्य यानी आरसीएच आईडी के बिना अल्ट्रासाउंड करने पर भी मनाही है। इसकी सख्ती से पालना के लिए भी निजी सेंटरों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
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प्रदेशभर में प्रजनन बाल स्वास्थ्य यानी आरसीएच आईडी के जरिये 12 सप्ताह से ऊपर गर्भपात करवाने वाली महिलाओं का डाटा जुटाया जा रहा है। डाटा मिलते ही जिले में इस पर काम शुरू हो जाएगा। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित सेंटर व अस्पताल पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. विपिन भंडारी, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी अंबाला