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Ambala News: अटल कैंसर के एक मात्र न्यूरो सर्जन का अनुबंध खत्म, उपचार के लिए भटक रहे मरीज

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अंबाला। मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानियों के उपचार के लिए अटल कैंसर केयर केंद्र में मरीजों को भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में पिछले तीन साल से कार्य कर रहे न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिक नांदरा का अनुबंध एक अप्रैल को खत्म हो गया है और उनकी तरफ से उसे आगे नहीं बढ़ाया गया है। इसलिए एक बार फिर अटल कैंसर केयर केंद्र में न्यूरो सर्जन की कमी हो गई है।
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बता दें कि डॉ. कार्तिक एनएचएम के तहत अनुबंध में काम कर रहे थे। हर साल संबंधित डॉक्टर के अनुबंध को बढ़ाया जाता है। ऐसे में अटल कैंसर केयर केंद्र में अंबाला ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ओपीडी में आने वाले रीढ़ की हड्डी में दर्द आदि आने वाले मरीजों को हड्डी रोग विशेषज्ञ देख रहे हैं लेकिन गंभीर मरीजों को उनकी तरफ से भी चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया जा रहा है।


न्यूरो सर्जन न होने पर मरीजों ने पीएमओ से मुलाकात बताई परेशानी

न्यूरो सर्जन की ओपीडी बंद होने के कारण शुक्रवार को कुछ मरीजों ने एकजुट होकर कार्यवाहक पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल के समक्ष दुखड़ा रोया था। उनका कहना था कि न्यूरो सर्जन न होने के कारण उपचार नहीं मिल पा रहा है। जबकि निजी अस्पतालों में हजारों रुपये का खर्च आता है। जबकि चंडीगढ़ पीजीआई के चक्कर काटने पड़ते हैं। हालांकि उनकी तरफ से जल्द ही इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर उन्हें लौटाया गया।
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रोजाना ओपीडी में आते थे 100 से 120 मरीज

बता दें कि अटल कैंसर केयर केंद्र में न्यूरो सर्जन की ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या रोजाना 100 से 120 तक रहती थी। ज्यादा मरीज मस्तिष्क के ट्यूमर आदि बीमारियों से जुड़े आते थे। ऐसे में लंबे समय से ओपीडी में उपचार करवाने के लिए आ रहे मरीजों के लिए परेशानी बढ़ गई है। डॉ. कार्तिक नांदरा 113 नंबर ओपीडी में बैठा करते थे।


एकमात्र न्यूरो सर्जन डॉ. कार्तिक नांदरा का स्वास्थ्य विभाग के साथ किया गया अनुबंध खत्म हो गया था। उनकी तरफ से उसे आगे नहीं बढ़ाया गया है। जल्द ही मुख्यालय स्तर पर पत्राचार कर दूसरे न्यूरो सर्जन को रखने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि मरीजों को परेशानी न उठानी पड़े।
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डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला
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